Press Trust of India | May 30, 2026 | 08:11 AM IST | 2 mins read
21 जून को निर्धारित पुनर्परीक्षा एचपीएससी के निर्देशों और पर्यवेक्षण के अनुरूप, बहुस्तरीय प्रमाणीकरण, निगरानी और अंतर-एजेंसी समन्वय के साथ और भी मजबूत एसओपी ढांचे के तहत आयोजित की जाएगी।
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 29 मई को उच्चतम न्यायालय को बताया कि केंद्र से परामर्श करने के बाद वह अगले साल से पेन और पेपर के बजाय सीबीटी (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) के जरिए नीट-यूजी आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। नीट आयोजित करने वाली एनटीए ने उच्चतम न्यायालय के समक्ष यह बयान दिया। उच्चतम न्यायालय इस मुद्दे पर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई कर रहा था।
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दाखिल याचिकाओं में से एक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) का पुनर्गठन या प्रतिस्थापन करने और नीट यूजी आयोजित करने के वास्ते एक मजबूत एवं स्वायत्त प्रणाली बनाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 3 मई को नीट परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच 12 मई को यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 21 जून को नीट यूजी पुनर्परीक्षा की घोषणा की।
न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ के समक्ष दायर एक हलफनामे में, एनटीए ने कहा कि विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति (एचएलसीई) ने नीट-यूजी को सीबीटी माध्यम में बदलने की सिफारिश की है।
इसने कहा कि एनटीए की प्रमुख परीक्षाओं में से केवल नीट (यूजी) 2026 ही पेन और पेपर (पीपीटी) माध्यम से आयोजित की गई थी, जो मुख्य रूप से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की योजना के अनुरुप थी।
एनटीए के निदेशक (विधिक) द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है, ''एचएलसीई ने विशेष रूप से नीट (यूजी) को पीपीटी से सीबीटी माध्यम में बदलने के साथ-साथ बहु-सत्र और बहु-चरणीय परीक्षण शुरू करने की सिफारिश की है।''
इसमें कहा गया है, "यह बदलाव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के परामर्श से अगले परीक्षा सत्र से लागू किया जाएगा, जिसके तहत एनटीए द्वारा आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाएं सीबीटी के माध्यम से आयोजित की जाएंगी।"
हलफनामे में कहा गया है, ''21 जून को निर्धारित पुनर्परीक्षा एचपीएससी के निर्देशों और पर्यवेक्षण के अनुरूप, बहुस्तरीय प्रमाणीकरण, निगरानी और अंतर-एजेंसी समन्वय के साथ और भी मजबूत एसओपी ढांचे के तहत होगी।''
इसमें कहा गया है कि तीन मई की परीक्षा को रद्द करना और मामले को जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपना ''स्वयं इस बात का उदाहरण है कि प्रतिवादी और भारत सरकार परीक्षा की निष्पक्षता को कितनी गंभीरता से देखते हैं।"
इसमें कहा गया है कि यह निर्णय छात्रों के हित में और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली जिस भरोसे पर टिकी है, उसे ध्यान में रखते हुए लिया गया है। एनटीए ने कहा, ''जारी जांच में प्रतिवादी द्वारा सीबीआई को सभी आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।''
छात्रों को अपना नीट एडमिट कार्ड दिखाकर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में बिना टिकट यात्रा करने की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर इसकी घोषणा की।
Santosh Kumar