Pariksha Karmayogi: एनटीए ने लॉन्च किया 'परीक्षा कर्मयोगी' प्रोग्राम, इनविजिलेटर्स को मिलेगी खास ट्रेनिंग

Saurabh Pandey | June 13, 2026 | 05:47 PM IST | 2 mins read

एनटीए ने परीक्षाओं की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 'iGOT कर्मयोगी भारत' प्लेटफॉर्म पर 'परीक्षा कर्मयोगी' ट्रेनिंग कोर्स लॉन्च किया है।

एनटीए का मानना है कि इस डिजिटल पहल से परीक्षा केंद्रों पर नियमों का अनुपालन, परिचालन दक्षता और जवाबदेही में काफी सुधार होगा। (आधिकारिक वेबसाइट)

नई दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी परीक्षाओं की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए 'परीक्षा कर्मयोगी: क्षमता निर्माण कार्यक्रम' (Pariksha Karmayogi: Capacity-Building Programme) की शुरुआत की है। इस डिजिटल कोर्स को केंद्र सरकार के 'iGOT Karmayogi Bharat' प्लेटफॉर्म पर लाइव किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ऑफलाइन, पेन-एंड-पेपर आधारित परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और एक समान मानक के साथ देश भर में सुचारू रूप से आयोजित कराना है।

यह ट्रेनिंग प्रोग्राम विशेष रूप से उन परीक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है जो जमीनी स्तर पर परीक्षाओं के सफल आयोजन में जुड़े होते हैं। इसमें मुख्य रूप से परीक्षा केंद्रों के केंद्र अधीक्षक और इनविजिलेटर्स शामिल हैं, जो NEET (UG) जैसी देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं की व्यवस्था संभालते हैं। इसके जरिए परीक्षा केंद्रों पर होने वाली मानवीय चूकों को रोका जा सकेगा।

चार मॉड्यूल में बंटा है पूरा कोर्स

परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझाने के लिए इस प्रोग्राम को चार अलग-अलग मॉड्यूल्स में तैयार किया गया है, जो परीक्षा के शुरू होने से लेकर खत्म होने तक की हर गतिविधि को कवर करते हैं-

मॉड्यूल 1 (परिचय और भूमिका) -इसमें कोर्स का परिचय देने के साथ-साथ परीक्षाओं में निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने में परीक्षा अधिकारियों की अहम भूमिका के बारे में बताया गया है।

मॉड्यूल 2 (परीक्षा से पहले की तैयारी) - इसके तहत परीक्षा केंद्र की मुस्तैदी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और मानक संचालन प्रक्रिया (SOPs) का कड़ाई से पालन करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

मॉड्यूल 3 (परीक्षा के दिन का संचालन) - इसमें परीक्षा के दिन की गतिविधियों को चार अलग-अलग चरणों (परीक्षा से पहले, परीक्षा की शुरुआत में, परीक्षा के दौरान और परीक्षा खत्म होने के बाद) में बांटकर समझाया गया है।

मॉड्यूल 4 (क्विक रेफरेंस गाइड) - यह अंतिम चरण है, जो सभी महत्वपूर्ण निर्देशों और जिम्मेदारियों का एक संक्षिप्त रीकैप (संक्षेप) प्रदान करता है ताकि अधिकारी मुख्य बातें न भूलें।

ट्रेनिंग के बाद मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट

'iGOT कर्मयोगी भारत' प्लेटफॉर्म पर होस्ट होने के कारण, देश के किसी भी कोने में तैनात परीक्षा अधिकारी अपनी सुविधानुसार इस कोर्स को ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं। कोर्स के अंत में एक असेसमेंट (मूल्यांकन परीक्षा) होगा, जिसे पास करने के बाद परीक्षा कर्मियों को प्रमाणित (Certified) किया जाएगा। एनटीए का मानना है कि इस डिजिटल पहल से परीक्षा केंद्रों पर नियमों का अनुपालन, परिचालन दक्षता और जवाबदेही में काफी सुधार होगा।

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मजबूत तंत्र के लिए कुशल लोग जरूरी

एनटीए ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित कर्मचारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। 'परीक्षा कर्मयोगी' के जरिए पूरे देश में परीक्षा प्रशासन का एक समान स्टैंडर्ड तय होगा, जो परीक्षाओं की विश्वसनीयता को और बढ़ाएगा। "मजबूत लोगों के जरिए मजबूत सिस्टम का निर्माण" के सिद्धांत पर काम करते हुए एनटीए लगातार तकनीकी क्षमता को बढ़ावा दे रहा है।

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