Press Trust of India | May 19, 2024 | 12:47 PM IST | 2 mins read
नीट पेपर लीक 2024 मामले में पुलिस ने कहा कि पिछली परीक्षाओं में आरोपियों की संलिप्तता जानने के लिए उनसे पूछताछ की गई है।
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नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले में राजधानी दिल्ली में साल्वर गैंग चलाने वाले दो एमबीबीएस छात्रों सहित चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि 5 मई को तिलक मार्ग स्थित भारतीय विद्या भवन मेहता विद्यालय में NEET परीक्षा के दौरान एक छात्र का बायोमेट्रिक डेटा मैच नहीं होने पर मामला सामने आया था।
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पुलिस डिप्टी कमीश्नर नई दिल्ली देवेश कुमार महला ने नीट पेपर लीक मामले में कहा कि दो प्रॉक्सी छात्र सुमित मंडोलिया और कृष्ण केसरवानी को केंद्र से गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि, इससे पहले बिहार पुलिस ने नीट पेपर लीक मामले में एक ही परिवार के 13 लोगों को गिरफ्तार किया था।
डीसीपी ने कहा कि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए मामला नई दिल्ली जिले के स्पेशल स्टाफ को सौंप दिया गया है। इसके अलावा जांच के लिए इंस्पेक्टर संजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम का भी गठन किया गया है।
पूछताछ में एमबीबीएस छात्रों ने अपने संचालकों प्रभात कुमार (27) और किशोर लाल (37) के नामों का खुलासा किया है, जिन्हें बीते शुक्रवार को नोएडा के एक होटल से पकड़ा गया था। अधिकारी ने कहा कि कुमार और लाल दोनों राजस्थान और बिहार राज्य के निवासी हैं।
दोनों आरोपी मेडिकल स्कूल प्रवेश सलाहकार के रूप में काम करते हैं। NEET परीक्षा के लिए प्रॉक्सी छात्र उपलब्ध कराने के लिए उम्मीदवारों से 20 लाख से 25 लाख रुपये की राशि लेते थे। फॉर्म पर चिपकाने के लिए डिजिटल रूप से फोटो बनाने के लिए प्रॉक्सी और मूल छात्रों की तस्वीरों का मिलान भी किया जाता था।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मंडोलिया और केसरवानी दोनों राजस्थान और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और अलग-अलग कॉलेजों से एमबीबीएस के छात्र हैं। मंडोलिया पश्चिम बंगाल के एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है और केसरवानी उत्तराखंड के एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और एक किआ सेल्टोस कार बरामद की है। पुलिस ने कहा कि पिछली परीक्षाओं में आरोपियों की संलिप्तता जानने के लिए आरोपियों से आगे पूछताछ की गई है। नीट पेपर लीक मामले की जांच चल रही है।