हरियाणा में छात्रा को परीक्षा से वंचित करना निजी स्कूल को पड़ा भारी, मंत्री ने मान्यता रद्द करने के दिए आदेश

Press Trust of India | June 27, 2026 | 09:09 AM IST | 1 min read

शिकायत के अनुसार, स्कूल ने उनकी बेटी को पांचवीं कक्षा की परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी क्योंकि उनका परिवार फीस जमा करने में असमर्थ था।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि एक बालिका को शिक्षा से वंचित करना अस्वीकार्य है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

कैथल: हरियाणा के मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को फीस जमा न होने के कारण 5वीं कक्षा की एक छात्रा को परीक्षा देने से रोकने पर एक निजी स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश दिए। यह मामला यहां जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक के दौरान सामने आया जब गुलियाना गांव की रहने वाली विधवा पूनम देवी ने काकौत गांव स्थित स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

छात्रा की मां पूनम देवी की शिकायत के अनुसार, स्कूल ने उनकी बेटी को पांचवीं कक्षा की परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी क्योंकि उनका परिवार फीस जमा करने में असमर्थ था।

स्कूल पर छात्रा को निष्कासित करने और स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र जारी करने से पहले 30,000 रुपये की बकाया फीस जमा करने का दबाव बनाने का भी आरोप है। छात्रा का अब एक अन्य स्कूल में दाखिला करा दिया गया है।

Also read हरियाणा में अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा 3 से 9 तक के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा

हरियाणा के मंत्री श्याम सिंह राणा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने और तत्काल कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को इसकी सिफारिश भेजने के निर्देश दिए।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि एक बालिका को शिक्षा से वंचित करना अस्वीकार्य है और यह 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की भावना के भी विपरीत है।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]