‘शिक्षक ज्यादा वेतन के भूखे’ बयान पर विवाद, गुजरात के मंत्री रमेश कटारा से शिक्षक संगठन ने की माफी की मांग
Press Trust of India | June 15, 2026 | 01:27 PM IST | 2 mins read
शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कटारा ने कहा कि पहले गांवों के स्कूलों में सुविधाओं का अभाव था और शिक्षक बहुत कम वेतन पर काम करते थे।
नई दिल्ली: गुजरात के मंत्री रमेश कटारा ने कथित तौर पर शिक्षकों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वे ज्यादा वेतन के भूखे हैं। उनके इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया और शिक्षकों के एक संगठन ने उनसे बयान वापस लेने और माफी की मांग की है। कृषि राज्य मंत्री रमेश कटारा शनिवार को पंचमहल जिले के गोधरा में केंद्र की नरेंद्र मोदी नीत सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के दौर की परिस्थितियों की तुलना वर्तमान के विकास कार्यों से करते हुए शिक्षकों और उनके वेतन को लेकर भी टिप्पणी की। शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कटारा ने कहा कि पहले गांवों के स्कूलों में सुविधाओं का अभाव था और शिक्षक बहुत कम वेतन पर काम करते थे।
कटारा ने कहा, “आज उन्हें इतना अधिक वेतन मिलता है... फिर भी उनकी भूख शांत नहीं हुई है। वे अब भी प्रदर्शन करते हैं। वे मोदी साहब और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं। हमारे बुजुर्गों से पूछिए, वे 500 या 1,000 रुपये में काम करते थे। आज देखिए उन्हें कितना वेतन मिलता है। इसके बावजूद वे काम करने को तैयार नहीं हैं।”
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कई शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने शिक्षकों को सलाह दी कि यदि वे स्वयं खुश हैं तो दूसरों को भी खुश रखें। कटारा की टिप्पणियों की अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से संबद्ध संगठन ‘प्राथमिक शैक्षिक महासंघ’ ने कड़ी आलोचना की।
महासंघ के गुजरात अध्यक्ष अनिरुद्धसिंह सोलंकी ने एक बयान में इन टिप्पणियों को “अत्यंत आपत्तिजनक और निंदनीय” बताया तथा शिक्षकों के वेतन आयोग से संबंधित तथ्यों को लेकर मंत्री पर गलत दावे करने का आरोप लगाया।
सोलंकी ने कहा, “उन्होंने कहा कि शिक्षकों को आठवें वेतन आयोग और दसवें वेतन आयोग का लाभ मिल चुका है। यह पूरी तरह गलत और असत्य है। हम मंत्री जी द्वारा की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं।” उन्होंने कहा, “हम मांग करते हैं कि मंत्री अपना बयान वापस लें और गुजरात के ढाई लाख से अधिक शिक्षकों से माफी मांगें।” बता दें, सोमवार को मंत्री रमेश कटारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर शिक्षकों से माफी मांगी है।
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