NIIT University: नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने एनआईआईटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति का पदभार संभाला
Abhay Pratap Singh | March 19, 2025 | 03:57 PM IST | 2 mins read
अमिताभ कांत ने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार जैसे प्रमुख कार्यक्रमों को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नई दिल्ली: एनआईआईटी विश्वविद्यालय (NIIT University) के नए कुलाधिपति (Chancellor) के रूप में नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की नियुक्त की गई है। भारतीय नौकरशाह अमिताभ को नीति-निर्माण, आर्थिक परिवर्तन और नवाचार-आधारित विकास में विशेषज्ञता हासिल है। एनयू के चांसलर के रूप में अमिताभ कांत ने 10 मार्च को अपना पदभार संभाला है।
नीति आयोग के सीईओ के रूप में अपने कार्यकाल (2016-2022) के दौरान अमिताभ कांत ने अटल इनोवेशन मिशन, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यक्रम जैसी पहलुओं का नेतृत्व किया। उन्होंने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार जैसे प्रमुख कार्यक्रमों को शुरू करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चांसलर का पदभार ग्रहण करने पर अपना उत्साह व्यक्त करते हुए नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, “एनआईआईटी विश्वविद्यालय से जुड़ना सम्मान की बात है, यह एक ऐसा संस्थान है जिसने लगातार उद्योग से जुड़ी शिक्षा और कौशल विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है।” एनयू के नए चांसलर अमिताभ कांत ने वैज्ञानिक के कस्तूरीरंगन का स्थान लिया है।
उन्होंने आगे कहा, “आज की तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था में, विश्वविद्यालयों को नवाचार को बढ़ावा देने और उभरते अवसरों के लिए युवाओं को तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभानी चाहिए। मैं राष्ट्रीय और वैश्विक प्राथमिकताओं के साथ संरेखित नए युग की प्रतिभाओं का एक पूल बनाने के अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।”
एनआईआईटी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो प्रकाश गोपालन ने कहा, “हमें एनआईआईटी विश्वविद्यालय के चांसलर के रूप में अमिताभ कांत का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है। भारत के नवाचार और कौशल परिदृश्य को आगे बढ़ाने में उनका (अमिताभ कांत) दूरदर्शी नेतृत्व एनयू के भविष्य को आकार देने में अमूल्य होगा।”
प्रो प्रकाश गोपालन ने आगे कहा, “जैसे-जैसे हम प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उद्योग एकीकरण पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे, उनका मार्गदर्शन हमें अत्यधिक कुशल, भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने में महत्वपूर्ण कदम उठाने में मदद करेगा।”
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