आईआईटी दिल्ली-अबू धाबी में दो नए कार्यक्रमों और स्टार्टअप इनक्यूबेटर का धर्मेंद्र प्रधान ने किया उद्घाटन
Abhay Pratap Singh | September 11, 2025 | 09:24 PM IST | 2 mins read
आईआईटी दिल्ली-अबू धाबी परिसर में केमिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) और ऊर्जा एवं स्थिरता में डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) प्रोग्राम शुरू किया गया।
नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली - अबू धाबी (IITD-AD) परिसर का दौरा किया। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी में दो नए शैक्षणिक कार्यक्रमों और स्टार्टअप इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया। प्रधान ने अपने संबोधन में आईआईटी दिल्ली-अबूधाबी टीम को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए बधाई भी दी।
शिक्षा मंत्री ने यूएई और भारत के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और एडीईके की अध्यक्ष सारा मुसल्लम से मुलाकात की। प्रधान ने आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी परिसर की स्थापना में सहयोग के लिए सारा मुसल्लम और एडीईके को धन्यवाद दिया। साथ ही, दोनों पक्षों ने आपसी शैक्षणिक प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया।
IIT Delhi - Abu Dhabi: दो नए शैक्षणिक कार्यक्रम
- आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी में शुरू किए गए दो नए शैक्षणिक कार्यक्रमों में केमिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) और ऊर्जा एवं स्थिरता में डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) शामिल है।
- नया बीटेक पाठ्यक्रम सतत विनिर्माण एवं प्रक्रिया गहनता जैसे आधुनिक विषयों को एकीकृत करते हुए मुख्य इंजीनियरिंग सिद्धांतों में एक मजबूत आधार प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- ऊर्जा और स्थिरता में पीएचडी प्रोग्राम वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण क्षेत्र में ज्ञान को आगे बढ़ाने वाले उच्चस्तरीय शोधकर्ताओं को तैयार करेगी।
Atal Incubation Centre: स्टार्टअप इनक्यूबेटर
सीमा-पार नवाचार को बढ़ावा देने के एक कदम के रूप में प्रधान ने आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी में अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC) का उद्घाटन किया। एआईसी भारतीय और यूएई नवप्रवर्तकों द्वारा संचालित संयुक्त स्टार्टअप्स और शोध-आधारित उद्यमों को सहयोग देगा। साथ ही उन्हें मेंटरशिप, निवेशक नेटवर्क और यूएई के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर रणनीतिक संबंधों तक पहुंच भी प्रदान करेगा।
कैंपस में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा, “आज न केवल दो नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ है, बल्कि आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी के विकास में एक नया अध्याय भी जुड़ा है। 2022 में इस परिसर की कल्पना से लेकर आज इन पाठ्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का स्वागत करने तक, प्रगति उल्लेखनीय रही है। मुझे केवल तीन वर्षों में इस गौरवशाली यात्रा का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और यह परिसर अब इतिहास रचने के लिए तैयार है।”
नवाचार और उद्यमिता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, “आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी के लिए एक शुभ अध्याय शुरू हो रहा है, क्योंकि हम अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन और अपने पीएचडी शोध कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं। यह परिसर सिर्फ अध्ययन और शोध का केंद्र ही नहीं है, यह भारत सरकार और यूएई सरकार के बीच साझेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है।”
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