Press Trust of India | February 25, 2026 | 05:36 PM IST | 1 min read
अधिकारी ने बताया कि प्रथम वर्ष के जिन 300 छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया था, उनकी परीक्षा बाद में आयोजित की जाएगी।

नई दिल्ली: भारतीय प्रबंध संस्थान, नागपुर (IIM Nagpur) के एमबीए प्रथम वर्ष के लगभग 300 छात्रों ने संस्थान के नियमों का उल्लंघन करते हुए विदाई पार्टी में शामिल हुए 40 सहपाठियों को परीक्षा में बैठने से रोके जाने के विरोध में अपनी मध्यावधि परीक्षा का बहिष्कार किया।
अधिकारी के अनुसार, प्रथम और द्वितीय वर्ष के बैच के लगभग 75 छात्र 21 फरवरी की रात को वरिष्ठ छात्रों के लिए आयोजित विदाई पार्टी में बिना अनुमति के गए और अगली सुबह संस्थान परिसर स्थित अपने छात्रावास लौटे।
नागपुर स्थित आईआईएम के एक अधिकारी ने बताया कि इन छात्रों को रात 10 बजे तक वापस आ जाना चाहिए था, लेकिन वे देर से आए। उन्होंने बताया कि इन छात्रों ने अपने माता-पिता को भी देरी से आने के बारे में सूचित नहीं किया।
उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने के कारण संस्थान ने बाहर गए प्रथम वर्ष के 40 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें मंगलवार को होने वाली मध्यावधि परीक्षा में बैठने से रोक दिया।
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अधिकारी ने बताया कि हालांकि, परीक्षा में बैठने से रोके गए 40 छात्रों सहित प्रथम वर्ष के लगभग 300 छात्रों ने संस्थान में इस कार्रवाई के खिलाफ मौन विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन में विदाई पार्टी में गए द्वितीय वर्ष के कुछ छात्र भी शामिल हुए क्योंकि उन्हें भय था कि बुधवार को उन्हें भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, जब यह घटना घटी तब संस्थान के निदेशक शहर से बाहर थे। उन्होंने बताया कि अब मामला सुलझ गया है और द्वितीय वर्ष के एमबीए छात्रों ने बुधवार को अंतिम सत्र की परीक्षा दी।
उन्होंने कहा कि प्रथम वर्ष के जिन 300 छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया था, उनकी परीक्षा बाद में आयोजित की जाएगी।