एनईपी से सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि, उच्च शिक्षा में नामांकन दर 50 फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य- योगी आदित्यनाथ
Press Trust of India | August 12, 2024 | 11:53 AM IST | 2 mins read
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि स्नातक और डिप्लोमा धारकों को 'मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना' के तहत औद्योगिक संगठनों में अप्रेंटिसशिप की सुविधा प्रदान की जा रही है।
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने आधिकारिक आवास पर राज्य में नीति के कार्यान्वयन पर एक समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को 10 वर्षों में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को वर्तमान 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को लागू करने में देश का अग्रणी राज्य रहा है, जिससे राज्य को पिछले तीन वर्षों में अपने जीईआर में सुधार करने में मदद मिली है। बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनईपी का दृष्टिकोण उच्च शिक्षा संस्थानों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करके गुणवत्तापूर्ण, सार्वभौमिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना है।
विश्वविद्यालयों -कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में इसके माध्यम से सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि हुई है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए गए प्रयासों के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश ने एक मंडल विश्वविद्यालय का लक्ष्य हासिल कर लिया है और अब हम एक जिला-एक विश्वविद्यालय की ओर बढ़ रहे हैं।
इन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से सकल नामांकन अनुपात में सुधार करने में मदद मिल रही है। वर्तमान में, उच्च शिक्षा संस्थानों में जीईआर लगभग 25 प्रतिशत है। हमारा लक्ष्य अगले 10 वर्षों में इसे 50 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ाने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और पाठ्यक्रम तैयार करते समय इन विषयों पर विचार किया जाना चाहिए।
राहुल सांकृत्यायन शोध केंद्र स्थापित करने का निर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि यथाशीघ्र महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, आज़मगढ़ में महान साहित्यकार एवं विचारक राहुल सांकृत्यायन के नाम पर एक शोध केंद्र स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को राहुल सांकृत्यायन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध और अध्ययन के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि स्नातक और डिप्लोमा धारकों को 'मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना' के तहत औद्योगिक संगठनों में अप्रेंटिसशिप की सुविधा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में 53,000 से अधिक युवा इस योजना में शामिल हुए और इस वर्ष, 11,000 उम्मीदवारों ने अब तक पंजीकरण कराया है, जिनमें से लगभग 2,800 युवा अप्रेंटिसशिप कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी प्रशिक्षुओं को समय पर वजीफा दिया जाए।
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