Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी का शिक्षा प्रणाली पर हमला, बोले- मौजूदा व्यवस्था बच्चों के सपनों को कुचल रही है
Santosh Kumar | June 17, 2026 | 10:49 PM IST | 2 mins read
राहुल गांधी ने 'कोचिंग हब' के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।
कोटा: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। राहुल ने 'कोचिंग हब' के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ''हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली बच्चों को 'प्रेशराइज' करता है। यह उन्हें 'स्ट्रेस' देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है, जो देश के भविष्य के लिए बिल्कुल सही नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें, ताकि किसी भी बच्चे को 'आत्मघाती' कदम न उठाना पड़े।'' राहुल गांधी ने कहा कि उनकी छात्रों युवाओं के साथ इस संवाद का मकसद राजनीतिक नहीं है।
राहुल गांधी ने किया छात्रों से सीधा संवाद
राहुल ने कहा, ''यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं है। यह बैठक आपके बारे में है, उन युवाओं के बारे में है जो अपना भविष्य बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह शाम उन चुनौतियों के बारे में जिनका आप हर दिन सामना कर रहे हैं।"
उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे 5 छात्रों को मंच पर बुलाया और बात की। राहुल ने कहा, ''मैं हिंदुस्तान के भविष्य की बात कर रहा हूं, हमें इस (शिक्षा) प्रणाली को बदलना होगा और इस प्रणाली को ठीक करना होगा।''
उन्होंने कहा कि हम ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहते हैं जो हर भारतीय को बड़ा सपना देखने का मौका दे व उसे पूरा करे। सबसे बड़ी बात आपका यह सपना न्यूनतम लागत पर, बिना आपकी जेब से लाखों करोड़ रुपये छीने करना चाहिए।
'देश की शिक्षा प्रणाली एक्सटोर्शन मशीन'
राहुल ने कहा, ''देश की शिक्षा प्रणाली सबसे गरीब मध्यम वर्ग के लोगों से एक परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितना शिक्षा का बजट है और 5 बड़ी परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितने 5 बड़े मंत्रालयों को बजट मिलता है।''
उन्होंने कहा, ''भारत की शिक्षा प्रणाली शोषण (एक्सटोर्शन) मशीन है। ये आपसे पैसे लेने का 'सिस्टम' है। ये सिर्फ शिक्षा देने का 'सिस्टम' नहीं है। ये परीक्षा के आधार पर आपसे लाखों करोड़ रुपये छीनने का 'सिस्टम' है।''
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह कार्यक्रम इस आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से इससे जुड़ने व अपने सुझाव देने की अपील की कि हम इस प्रणाली को कैसे बदलें।
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