Press Trust of India | November 6, 2026 | 01:35 PM IST | 1 min read
राज्य सरकार ने 18 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को रद्द कर दिया था, जिससे परीक्षा पास करने वाले हजारों सरकारी कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे।

रांची: भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच झारखंड उच्च न्यायालय ने 2024 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की एक अधिसूचना को शुक्रवार को निरस्त कर दिया।
परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों द्वारा दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने अधिसूचना को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि सरकार का निर्णय ''अन्यायपूर्ण और अनुचित'' था।
राज्य सरकार ने 18 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को रद्द कर दिया था, जिससे परीक्षा पास करने वाले हजारों सरकारी कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे।
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राज्य सरकार ने तर्क दिया कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और प्रश्न पत्र लीक के सबूतों के कारण उसने परीक्षा रद्द की, जबकि कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी कि उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी गई।
कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच सोरेन सरकार ने 2014 से जेपीएससी, जेएसएससी और आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था और 23 अन्य की जांच के आदेश दिए थे।