CBSE R3 Language: तीसरी भाषा में फेल होने पर भी 10वीं में मिलेगा प्रवेश, परीक्षा पास करना होगा अनिवार्य
Saurabh Pandey | July 14, 2026 | 01:48 PM IST | 2 mins read
सीबीएसी ने R3 भाषा मूल्यांकन फ्रेमवर्क जारी किया है। सीबीएसई के तहत तीसरी भाषा, यानी R3 का मूल्यांकन केवल स्कूल-स्तर की आंतरिक परीक्षाओं के ज़रिए किया जाएगा। इस साल R3 के लिए कोई CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।
नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को एक जरूरी क्वालिफाइंग विषय बना दिया है। सीबीएसई के तहत तीसरी भाषा, यानी R3 का मूल्यांकन केवल स्कूल-स्तर की आंतरिक परीक्षाओं के जरिए किया जाएगा। लेकिन सेकेंडरी स्कूल परीक्षा का पास सर्टिफिकेट पाने के लिए छात्रों को स्कूल-लेवल के इंटरनल असेसमेंट में पास होना जरूरी होगा।
बोर्ड का कहना है कि जो छात्र R3 पास नहीं कर पाते हैं, उन्हें भी 10वीं कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा, लेकिन 10वीं कक्षा में रहते हुए उन्हें इसे पास करना होगा। 10वीं कक्षा में R3 में फेल होने वाले छात्रों को नतीजे घोषित होने से पहले दोबारा मूल्यांकन का मौका मिलेगा। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 8वीं कक्षा वाला तीन-भाषाओं का कॉम्बिनेशन 9वीं कक्षा में भी जारी रहेगा, और इनमें से किसी एक को R3 के तौर पर चुना जाएगा। NCERT ने छात्रों और स्कूलों के लिए अपनी वेबसाइट पर R3 भाषा सीखने के संसाधन जारी किए हैं।
सीबीएसई के अनुसार, 2026-27 एकेडमिक सेशन में कक्षा 9 में पढ़ने वाले सभी छात्र उसी तीन-भाषा वाले कॉम्बिनेशन को जारी रखेंगे, जो उन्होंने कक्षा 8वीं में पढ़ा था, जिसमें से एक भाषा को R3 के तौर पर तय किया जाएगा। बोर्ड की ओर से दी गई छूट के आधार पर, इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।
NCERT ने R3 भाषा संसाधन जारी किए
बोर्ड ने स्कूलों को यह भी बताया है कि कक्षा 9 का R3 भाषा असेसमेंट फ्रेमवर्क अब सीबीएसई की एकेडमिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जबकि NCERT ने स्कूलों और छात्रों की मदद के लिए अपने पोर्टल पर R3 भाषा सीखने के संसाधन अपलोड किए हैं। जो स्कूल 22 तय भारतीय भाषाओं के अलावा दूसरी भाषाएं पढ़ाते हैं, वे मौजूदा तरीके के अनुसार उम्र के हिसाब से सही SCERT या राज्य-स्तरीय शिक्षण सामग्री का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।
बोर्ड ने आगे कहा कि कक्षा 9 के लिए मूल्यांकन का ढांचा पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि भाषा सीखने के संसाधन नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के जरिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इससे पहले, कक्षा 9 के स्टूडेंट्स ने तीसरी भाषा पढ़ना छोड़ दिया था, लेकिन 29 जून और बाद में 10 जुलाई को जारी CBSE की गाइडलाइंस के मुताबिक, इसे एकेडमिक ईयर 2026-27 से कक्षा 9 के लिए और 2027-28 से कक्षा 10 के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। ये सर्कुलर 2026-27 में कक्षा 10 के मौजूदा बैच पर लागू नहीं होंगे।
CBSE R3 Language Policy 2026: कानूनी चुनौती
शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई की त्रिभाषा नीति संबंधी फॉर्म को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि सीबीएसई 9 अप्रैल के अपने पूर्व रुख को बहाल करे, जिसके तहत कक्षा 9 स्तर पर अनिवार्य तृतीय भाषा का कार्यान्वयन प्रभावी रूप से 2029-30 शैक्षणिक सत्र तक स्थगित कर दिया गया था।
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