CBSE: सीबीएसई ने 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल परीक्षकों के भुगतान के लिए शुरू किया आईपीएस पोर्टल
Saurabh Pandey | September 6, 2025 | 10:31 AM IST | 1 min read
बोर्ड ने विशेष रूप से सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चे) श्रेणी के छात्रों के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है, ताकि उन्हें किसी भी सुविधा या छूट का लाभ उठाने में सहायता मिल सके।
नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं के पारिश्रमिक एवं अन्य खर्चों के भुगतान के लिए एकीकृत भुगतान प्रणाली (IPS) शुरू की है। वर्ष 2024-25 की प्रायोगिक परीक्षाओं का भुगतान आईपीएस प्रणाली के माध्यम से किया जा सकेगा। स्कूलों को आईपीएस पोर्टल की जांच करनी होगी और आवश्यक डेटा प्रविष्टि जल्द से जल्द पूरी करनी होगी।
बोर्ड ने स्कूलों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि परीक्षा अधिकारियों के बैंक खाते का विवरण सही-सही दर्ज किया जाए। प्रधानाचार्यों को आईपीएस पोर्टल पर डेटा को अंतिम रूप देने से पहले व्यक्तिगत रूप से इसकी समीक्षा करनी होगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी परीक्षक/पर्यवेक्षक का डेटा अधूरा न रह जाए।
सीबीएसई ने आगे कहा है कि परीक्षा अधिकारियों के बैंक खाते का विवरण देने में किसी भी प्रकार की गलती के परिणामस्वरूप गलत व्यक्ति को भुगतान हो सकता है। ऐसी स्थिति में, संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्यों की ज़िम्मेदारी होगी और उनसे गलती से भुगतान की गई राशि की वसूली की जाएगी।
सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के छात्रों के लिए पोर्टल लॉन्च
बोर्ड ने विशेष रूप से सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चे) श्रेणी के छात्रों के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है, ताकि उन्हें किसी भी सुविधा या छूट का लाभ उठाने में सहायता मिल सके। इस पोर्टल के माध्यम से, सीबीएसई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षाओं के दौरान सीडब्ल्यूएसएन छात्रों को लागू छूट प्रदान की जा सके।
स्कूल 9 से 22 सितंबर, 2025 तक सीडब्ल्यूएसएन पोर्टल पर छात्रों का विवरण भर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं।
अगली खबर
]सीबीएसई-एनसीबी ने छात्रों में नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए साइन किया एमओयू, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
इस पहल का उद्देश्य सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में नशा मुक्त वातावरण बनाना और जागरूकता कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और परामर्श सत्रों के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और परामर्शदाताओं को सशक्त बनाना है।
Santosh Kumar | 1 min readविशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार