CBSE LOC Data Correction: सीबीएसई 10वीं-12वीं के लिए एलओसी डेटा करेक्शन विंडो खुली, 7 नवंबर तक सुधार का मौका
Saurabh Pandey | November 2, 2026 | 05:44 PM IST | 2 mins read
सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए एलओसी डेटा करेक्शन की विंडो ओपन कर दी है। विद्यार्थी 7 नवंबर तक अपने डेटा में सुधार कर सकते हैं।
नई दिल्ली :
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए उम्मीदवारों की सूची (LOC) के डेटा में सुधार करने के लिए करेक्शन विंडो खोल दी है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि एलओसी जमा करने के बाद प्रत्येक छात्र के लिए जनरेट की गई डेटा सत्यापन पर्ची के आधार पर विवरण में किसी भी गलती को सुधारा जा सकता है।
सीबीएसई की तरफ से स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों की निजी जानकारी और विषयों के विवरण की जांच कर लें और तय समय-सीमा के भीतर जरूरी बदलाव जमा कर दें। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद सुधार का कोई और मौका नहीं दिया जाएगा।
CBSE LOC Data Correction 2026-27: एलओसी डेटा संशोधन की डेट
स्कूलों को एलओसी डेटा में संशोधन की सुविधा 2 नवंबर 2026 (सोमवार) से 7 नवंबर 2026 (शनिवार) तक उपलब्ध रहेगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस निर्धारित तिथि के बाद कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के डेटा में सुधार का कोई अन्य अवसर नहीं दिया जाएगा।
CBSE LOC Data Correction 2026-27: एलओसी डेटा करेक्शन विवरण
- व्यक्तिगत विवरण - छात्र का नाम, माता-पिता का नाम और जन्म तिथि पूरी तरह सही भरी गई हो।
- पूरा नाम - डेटा में संक्षिप्त नाम के स्थान पर पूरा नाम दर्ज होना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कई दस्तावेजों में पूर्ण नाम की आवश्यकता होती है।
- सरनेम - विदेश में पढ़ाई का प्लान बनाने वाले छात्रों का सरनेम अवश्य दर्ज हो, क्योंकि कई देशों में इसकी आवश्यकता पड़ती है।
- पासपोर्ट से मिलान - यदि छात्र के पास पासपोर्ट उपलब्ध है, तो उसमें दर्ज विवरण के अनुसार ही डेटा की जांच की जाए।
- विषयों का चयन - कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों के लिए चुने गए विषयों को ध्यानपूर्वक चेक कर लें, क्योंकि करेक्शन विंडो के बाद विषय में बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों को चेक करनी होगी डिटेल्स
इस प्रक्रिया के तहत, स्कूलों को एलओसी जमा करने के बाद हर छात्र के लिए एक 'डेटा वेरिफिकेशन स्लिप' तैयार करनी होगी। छात्र और उनके माता-पिता इस स्लिप का इस्तेमाल करके यह चेक कर सकते हैं कि स्कूल द्वारा दर्ज की गई जानकारी सही है या नहीं। बोर्ड की तरफ से कहा है कि एलओसी में जमा किए गए डेटा को सही साबित करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से अभिभावकों की है।
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