Bihar Board: बीएसईबी ने माध्यमिक शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सहायता राशि बढ़ाई
Santosh Kumar | July 30, 2026 | 08:50 AM IST | 1 min read
अब कैंसर, ब्रेन हैमरेज, दिल की बीमारी और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को पहले मिलने वाले 35,000 रुपये की जगह 45,000 रुपये मिलेंगे।
नई दिल्ली: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) ने 'शिक्षक कल्याण कोष' के तहत सेकेंडरी शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ को दी जाने वाली मेडिकल सहायता की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब कैंसर, ब्रेन हैमरेज, दिल की बीमारी और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को पहले मिलने वाले 35,000 रुपये की जगह 45,000 रुपये मिलेंगे।
साथ ही, छोटी सर्जरी या दुर्घटना के मामले में सहायता राशि 20,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। अन्य बीमारियों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि भी 12,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दी गई है।
यह फैसला बीएसईबी के चेयरमैन डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में हुई टीचर्स वेलफेयर फंड सब-कमेटी की बैठक में लिया गया। इस बैठक में कमेटी के सेक्रेटरी, नॉन-टीचिंग स्टाफ फ़ेडरेशन के प्रतिनिधि समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने कहा कि मेडिकल सहायता के लिए, संबंधित ब्लॉक के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शिक्षक संघ की सिफारिश और आवेदन पर विचार करने के बाद ही सहायता राशि मंजूर की जाती है।
गौरतलब है कि सेकेंडरी परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों के पारिश्रमिक से 3 प्रतिशत राशि काटकर शिक्षक कल्याण कोष में जमा की जाती है, जिसके माध्यम से यह मेडिकल सहायता प्रदान की जाती है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार