Press Trust of India | March 17, 2026 | 03:14 PM IST | 1 min read
मंत्री ने कहा कि समय के अनुसार सभी लोग बैठकर तय करेंगे और ''आवश्यकता तथा योग्यता'' पर गौर करते हुए संस्थानों की स्थापना की जाएगी।

नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि अगले 5 साल में देश भर में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना की जाएगी और इसके स्थानों के बारे में ''आवश्यकता और योग्यता'' के आधार पर फैसला किया जाएगा। आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।
माकपा सदस्य जॉन ब्रिटास ने सवाल किया था कि 2026-27 के बजट में देशभर में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (आया) की स्थापना की घोषणा की गई है और क्या उनमें से किसी एक संस्थान की स्थापना केरल में की जाएगी।
जवाब में आयुष मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी आयुष का प्रचार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बजट में तीन ऐसे संस्थानों की घोषणा किए जाने के बाद कई राज्यों के सांसदों ने मांग की है कि उनके प्रदेश में ऐसी एक इकाई स्थापित की जाए।
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जाधव ने कहा कि केरल में आयुर्वेद का काम बहुत अच्छा है और वहां दूर-दूर से लोग आयुर्वेदिक उपचार के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही जिक्र किया है कि आने वाले पांच साल में दस ऐसे संस्थान खोले जाएंगे।
इस बजट में तीन संस्थाओं की घोषणा की गई थी और सात संस्थानों की घोषणा बाद में की जाएगी। मंत्री ने कहा कि समय के अनुसार सभी लोग बैठकर तय करेंगे और ''आवश्यकता तथा योग्यता'' पर गौर करते हुए संस्थानों की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक समाचार के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 5 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा नहीं है और राज्य के उच्च न्यायालय ने इसे शर्मनाक बताते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
Santosh Kumar