Saurabh Pandey | May 29, 2026 | 10:44 AM IST | 2 mins read
यूपी बोर्ड ने स्क्रूटनी के नाम पर नंबर बढ़ाने का झांसा देकर पैसे ऐंठने वाले साइबर ठगों से छात्रों और अभिभावकों को सावधान रहने की चेतावनी दी है। परिषद ने किसी से भी रोल नंबर या बैंक डिटेल्स साझा न करने की अपील की है और ऐसी कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या DIOS को शिकायत दर्ज कराने को कहा है।

नई दिल्ली : माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपीएमएसपी) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए एक बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है। परिषद ने सूचित किया है कि स्क्रूटनी (अंकों की दोबारा जांच) के नाम पर साइबर अपराधी विद्यार्थियों को गुमराह करने और ठगने का कुप्रयास कर सकते हैं। इसे लेकर बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है।
परिषद के अनुसार, पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए यह आशंका है कि साइबर अपराधी परीक्षार्थियों को सीधे फोन कॉल कर सकते हैं। वे छात्रों को पैसों के बदले अंक बढ़ाने का लालच दे सकते हैं। इतना ही नहीं, अपनी प्रामाणिकता साबित करने के लिए ये ठग परिषद (यूपी बोर्ड) के कर्मचारियों के नाम का दुरुपयोग कर अपनी फर्जी पहचान भी बता सकते हैं।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने कहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के सक्रिय सहयोग से ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान की जा रही है। इन ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आम जनता, अभिभावकों और परीक्षार्थियों से अपील करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं-