UGC: यूजीसी ने भर्ती, प्रमोशन ड्राफ्ट रेगुलेशन पर फीडबैक देने की समय सीमा 28 फरवरी तक बढ़ाई
Press Trust of India | February 6, 2025 | 07:55 PM IST | 2 mins read
यूजीसी ने पिछले महीने ड्राफ्ट (विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा में मानकों के रखरखाव के लिए उपाय) विनियम, 2025 जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि यह 2018 के दिशानिर्देशों की जगह लेगा।
नई दिल्ली : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने गुरुवार को भर्ती और पदोन्नति मानदंडों के मसौदे पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने की तारीख 28 फरवरी तक बढ़ा दी है। इससे पहले, स्टेकहोल्डर्स को 5 फरवरी तक फीडबैक भेजना था। यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने कहा कि यूजीसी नियमों, 2025 के मसौदे पर फीडबैक जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए स्टेकहोल्डर्स से प्राप्त अनुरोधों के मद्देनजर, यूजीसी ने अब समय सीमा 28 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है।
यूजीसी ने पिछले महीने ड्राफ्ट (विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा में मानकों के रखरखाव के लिए उपाय) विनियम, 2025 जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि यह 2018 के दिशानिर्देशों की जगह लेगा।
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, इंडस्ट्री एक्सपर्ट, साथ ही सार्वजनिक प्रशासन, सार्वजनिक नीति और पब्लिक सेक्टर के उपक्रमों के सीनियर प्रोफेशनल्स, जल्द ही कुलपति के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हो सकते हैं। मसौदा मानदंडों में कुलपतियों या विजिटर्स को कुलपतियों की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय सर्च-कम-चयन समिति का गठन करने की शक्ति भी दी गई है।
विश्वविद्यालयों में भर्ती गाइडलाइंस में भी संशोधन
नए दिशानिर्देश विश्वविद्यालयों में संकाय सदस्यों को नियुक्त करने के मानदंडों में भी संशोधन करेंगे, जिससे कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग (एम.ई.) और मास्टर्स ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) में स्नातकोत्तर डिग्री रखने वाले लोगों को यूजीसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (एनईटी) के लिए अर्हता प्राप्त किए बिना सीधे सहायक प्रोफेसर स्तर पर भर्ती होने की अनुमति मिलेगी।
यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि मसौदा यूजीसी विनियम 2025 का उद्देश्य अधिक समावेशी और पारदर्शी चयन प्रक्रिया शुरू करके विश्वविद्यालयों में उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना, रिसर्च इनोवेशन को बढ़ावा देना, विश्वविद्यालय प्रशासन को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ जोड़ना और एनईपी 2020 की परिवर्तनकारी दृष्टि को पूरा करना है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें