NEET Protest 2026: नीट प्रदर्शन के दौरान ‘‘यौन उत्पीड़न’’ की शिकायतों पर प्राथमिकता से जांच करेगी समिति - एससी
Press Trust of India | August 24, 2026 | 04:54 PM IST | 2 mins read
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कथित यौन उत्पीड़न के मामलों की अलग से और प्राथमिकता के आधार पर जांच किए जाने का अनुरोध किया।
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस हिंसा की जांच के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति (HPEC) को महिला प्रदर्शनकारियों की यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने को कहा गया है।
भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने यह स्पष्टीकरण उस समय दिया जब वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की घटनाओं का स्वत: संज्ञान लिए जाने का अनुरोध किया।
गुप्ता ने पीठ से ऐसी व्यवस्था बनाने का भी अनुरोध किया जिसके जरिये कथित पीड़िताएं अपनी शिकायतें जांच के लिए सीधे भेज सकें। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह पारित आदेश के अनुसार, “समिति से इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने और तत्काल अंतरिम रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।”
न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि इसी मुद्दे पर एक अलग रिट याचिका भी दायर की गई है और उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति से इस मामले की जांच करने को कहा गया है। नयी याचिका में 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की घटनाओं का स्वत: संज्ञान लिए जाने का अनुरोध किया गया है।
सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित कथित हमलों से जुड़ी खबरों और विवरणों का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा कि आरोपों में एक महिला के निजी अंगों पर लाठी मारने की घटना भी शामिल है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, “मैं अदालत से इन घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध कर रही हूं।” उन्होंने कथित यौन उत्पीड़न के मामलों की अलग से और प्राथमिकता के आधार पर जांच किए जाने का अनुरोध किया।
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा की जांच के लिए 20 अगस्त को उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की थी।
अगली खबर
]Allahabad University UG Admissions 2026: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी यूजी काउंसलिंग पंजीकरण शुरू, डायरेक्ट लिंक जानें
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने आवेदकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पंजीकरण के समय प्रदान की गई ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर को सक्रिय रखें।
Abhay Pratap Singh | 2 mins readविशेष समाचार
]- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा