Press Trust of India | August 24, 2026 | 05:56 PM IST | 2 mins read
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने 7 अगस्त को आयोजित बीएससी एग्रीकल्चर (प्लांट पैथोलॉजी) का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी है। अब यह रद्द परीक्षा और 20 अगस्त को लीक हुआ एंटोमोलॉजी का पेपर, दोनों सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित किए जाएंगे।

नई दिल्ली : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर ने बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष के 'प्लांट पैथोलॉजी' विषय की परीक्षा को रद्द कर दिया है। पुलिस जांच में 7 अगस्त को आयोजित हुई इस परीक्षा का पेपर लीक होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार को यह बड़ा फैसला लिया। यह फैसला कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में बुलाई गई आपातकालीन बैठक में लिया गया।
दरअसल, 20 अगस्त को बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के 'एंटोमोलॉजी' विषय का पेपर लीक हो गया था, जिसके बाद दुर्ग जिले के एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर और 5 छात्रों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की गहन जांच में खुलासा हुआ कि 7 अगस्त को हुआ प्रथम वर्ष का 'प्लांट पैथोलॉजी' का पेपर भी पहले ही लीक हो चुका था।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि लीक हुए दोनों विषयों-'प्लांट पैथोलॉजी' और 'एंटोमोलॉजी' की रद्द की गई परीक्षाएं अब सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रहने के कारण विश्वविद्यालय ने दुर्ग स्थित 'भारतीय एग्रीकल्चर कॉलेज' पर कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 20 अगस्त के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, दुर्ग कॉलेज में 7 अगस्त और 20 अगस्त की परीक्षाओं के लिए तैनात किए गए पर्यवेक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए विश्वविद्यालय ने परीक्षा की सुरक्षा कड़ी कर दी है। 20 अगस्त की घटना के बाद, 22 अगस्त की बीएससी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भौतिक कॉपियों के बजाय पासवर्ड-सुरक्षित ईमेल के माध्यम से भेजे गए। सुबह 10 बजे की परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र कॉलेजों को 9:30 बजे उपलब्ध कराए गए।
यही व्यवस्था आगे होने वाली परीक्षाओं में भी लागू रहेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग और संबद्ध कॉलेजों के परीक्षा हॉलों में CCTV कैमरों की संख्या बढ़ा रहा है तथा पूरी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है।