Santosh Kumar | July 13, 2026 | 11:43 AM IST | 2 mins read
सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर वीडियो डालकर कहा, ''कृपया किसी और में नायक न ढूंढें। अपनी ज़िंदगी के नायक खुद बनें। एक नागरिक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं।''

नई दिल्ली: आज राष्ट्रीय राजधानी में कॉजपा के विरोध प्रदर्शन का 24वां दिन है। रविवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत और बिगड़ गई; डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर गिर गया है और वज़न 7.8 किलोग्राम कम हो गया है। इस बीच, परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा।
कॉजपा की ओर से जारी स्वास्थ्य सूचना के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का रक्तचाप गिरकर 104/66 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया है, जबकि उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से जुड़े 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) के सदस्यों -नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन- ने भी विरोध स्थल पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी है।
सोनम वांगचुक ने रविवार को एक्स पर लिखा, "कुछ भी कहने के लिए बहुत कमजोर।" वांगचुक ने लोगों से दूसरों में नायक न खोजने की अपील की थी और कहा था कि वह 'केवल एक आम नागरिक' हैं, न कि 'आधुनिक गांधी' या कोई नायक।"
सोनम वांगचुक शनिवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर वीडियो डालकर कहा था, ''कृपया किसी और में नायक न ढूंढें। अपनी ज़िंदगी के नायक खुद बनें। एक नागरिक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं।''
वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को एकजुट होकर सांसदों से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए कहना चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही है।
कॉजपा ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है। अभिजीत दीपके ने कहा, मैं सरकार से रिक्वेस्ट करता हूं कि इसे ईगो की लड़ाई में न बदलें क्योंकि यहां इंसानी जान दांव पर लगी है।"
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, "गलती मानना कमजोरी की निशानी नहीं है। यह मैच्योरिटी, अकाउंटेबिलिटी और सही रास्ता अपनाने की इच्छा की निशानी है। हम बस अकाउंटेबिलिटी मांग रहे हैं।"
आइसा ने बताया कि 7 दिन के उपवास के बाद रक्त शर्करा स्तर 46 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक गिर जाने के कारण जेएनयू छात्र संघ की संयुक्त सचिव दानिश अली को शनिवार शाम राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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