Santosh Kumar | May 19, 2026 | 05:55 PM IST | 2 mins read
नीट परीक्षा के संबंध में दायर एक याचिका में यह मांग की गई है कि परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट के माध्यम से हो, और इसे इसी वर्ष से लागू किया जाए।
Predict your MBBS, BDS & AYUSH admission chances with the NEET College Predictor. Get personalized college recommendations based on rank, category & quota.
Try Now
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सांसद सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की है कि नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाए। नीट 2026 परीक्षा जिसे पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था, 21 जून को दोबारा होनी है; हालांकि, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पारंपरिक पेन-एंड-पेपर मोड में परीक्षा आयोजित करने से इसमें दोबारा पेपर लीक होने का खतरा बना रहेगा।
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने यह जानकारी अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर साझा की। उन्होंने लिखा कि नीट परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
नीट परीक्षा के संबंध में दायर एक याचिका में यह मांग की गई है कि परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट के माध्यम से हो, और इसे इसी वर्ष से लागू किया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके।
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग भी उठाई गई है।
एडवोकेट सत्यम सिंह के माध्यम से दायर इस याचिका में कहा गया है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जा सकती। देश की परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने भी री-एग्जाम को तत्काल सीबीटी मोड में कराने की मांग की है।
पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद एनटीए ने मूल नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी। शिक्षा मंत्री ने 21 जून को घोषणा की कि परीक्षा दोबारा होगी। हालांकि, कई छात्र संगठन परीक्षा के ऑफलाइन मोड में कराने पर आपत्ति जता रहे हैं।
एनबीईएमएस देश भर में स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टोरल चिकित्सा परीक्षाओं का संचालन करता है, जिसमें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-परास्नातक (नीट-पीजी) शामिल है। यह विभिन्न डिप्लोमा और फेलोशिप कार्यक्रमों की देखरेख करता है।
Press Trust of India