Press Trust of India | May 18, 2026 | 10:12 PM IST | 1 min read
एनबीईएमएस देश भर में स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टोरल चिकित्सा परीक्षाओं का संचालन करता है, जिसमें नीट-पीजी परीक्षा भी शामिल है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ को राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) के शासी निकाय के अध्यक्ष के रूप में लगातार तीसरी बार पुनः नामित किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना से यह जानकारी मिली। एनबीईएमएस देश भर में स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टोरल चिकित्सा परीक्षाओं का संचालन करता है, जिसमें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-परास्नातक (नीट-पीजी) शामिल है। यह विभिन्न डिप्लोमा और फेलोशिप कार्यक्रमों की देखरेख करता है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि ये नियुक्तियां 16 जून, 2026 से एक वर्ष की अवधि के लिए या नए शासी निकाय के पुनर्गठन तक, जो भी पहले हो, प्रभावी होंगी।
डॉ. राकेश शर्मा को भी लगातार तीसरी बार शासी निकाय के लिए पुनः नामित किया गया है, जबकि संपूर्ण मौजूदा बोर्ड को बरकरार रखा गया है, जो सर्वोच्च स्नातकोत्तर चिकित्सा परीक्षा निकाय के कामकाज में निरंतरता को दर्शाता है।
नियम छह (आई)(बी) के तहत, सरकार ने दिल्ली स्थित आखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. निखिल टंडन को उपाध्यक्ष के रूप में फिर से नियुक्त किया है, जो चिकित्सा और संबद्ध विज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इसी तरह पुन: नियुक्त किये गए डॉ. सी. मल्लिकार्जुन सामुदायिक चिकित्सा का प्रतिनिधित्व करते हैं और डॉ. मीनू बाजपेयी आधारभूत चिकित्सा विज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
नियम छह (आई)(एम) के तहत पुनः नामित सदस्यों में डॉ. हेम चंद्र, डॉ. सुधा शेषायन और डॉ. बिपिन पुरी शामिल हैं। अधिसूचना में प्रोफेसर राजू सिंह छिना और डॉ. एस एन बसु को शर्मा और शेठ के साथ सदस्य के रूप में बरकरार रखा गया है।