PM-Vidyalaxmi Scheme: पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मिली केंद्र की मंजूरी, जानें किन छात्रों को मिलेगा लाभ
Press Trust of India | November 6, 2024 | 05:42 PM IST | 2 mins read
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सूची नवीनतम एनआईआरएफ रैंकिंग का उपयोग करके हर साल अपडेट की जाएगी और 860 योग्य क्यूएचईआई के साथ शुरुआत की जाएगी, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्र संभावित रूप से पीएम-विद्यालक्ष्मी का लाभ उठाने में सक्षम होंगे।
नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सार्वजनिक और निजी दोनों संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली एक नई सरकारी योजना पीएम विद्यालक्ष्मी स्कीम को मंजूरी दे दी। यह योजना गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों (क्यूएचईआई) में प्रवेश पाने वाले किसी भी छात्र को ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों की पूरी राशि को कवर करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से गारंटर मुक्त ऋण प्राप्त करने के लिए है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मेधावी छात्रों को मौद्रिक सहायता प्रदान करने के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी ताकि वित्तीय बाधाएं उन्हें गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने से न रोकें।
शीर्ष क्यूएचईआई के छात्रों को मिलेगा लाभ
यह योजना एनआईआरएफ रैंकिंग द्वारा निर्धारित शीर्ष क्यूएचईआई पर लागू होगी, जिसमें सभी एचईआई, सरकारी और निजी शामिल हैं, जो ओवरऑल, श्रेणी-विशिष्ट और डोमेन-विशिष्ट रैंकिंग में एनआईआरएफ में शीर्ष 100 में स्थान पर हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार के एचईआई को एनआईआरएफ में 101-200 में स्थान दिया गया है और सभी केंद्र सरकार शासित संस्थानों में भी शामिल किया जाएगा।
22 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा लाभ
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सूची नवीनतम एनआईआरएफ रैंकिंग का उपयोग करके हर साल अपडेट की जाएगी और 860 योग्य क्यूएचईआई के साथ शुरुआत की जाएगी, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्र संभावित रूप से पीएम-विद्यालक्ष्मी का लाभ उठाने में सक्षम होंगे।
PM-Vidyalaxmi Scheme: पात्रता मानदंड
जिन छात्रों की वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये तक होगी, उन्हें इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3% ब्याज छूट का लाभ मिलेगा। हर साल एक लाख छात्रों को अनुदान सहायता दी जाएगी।
यह योजना 4.5 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले और अनुमोदित संस्थानों से तकनीकी, व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने वाले छात्रों के लिए केंद्रीय क्षेत्र ब्याज सब्सिडी (सीएसआईएस) और शिक्षा ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी फंड योजना (सीजीएफएसईएल) की पूरक होगी।
ऐसे छात्रों को शिक्षा ऋण पर अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज में पूरी छूट मिलेगी। 7.5 लाख रुपये तक के ऋण के लिए, छात्र बकाया डिफॉल्ट के 75% की क्रेडिट गारंटी भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे योजना के तहत छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में बैंकों को सहायता मिलेगी।
उच्च शिक्षा विभाग एक एकीकृत पोर्टल 'पीएम-विद्यालक्ष्मी' को संचालित करेगा, जहां छात्र शिक्षा ऋण के साथ-साथ ब्याज छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं। सबवेंशन भुगतान ई-वाउचर और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट के माध्यम से किया जाएगा।
सरकारी संस्थानों के छात्रों को प्राथमिकता
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना ते तहत उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो सरकारी संस्थानों से हैं और उन्होंने तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का विकल्प चुना है। 2024-25 से 2030-31 के दौरान 3,600 करोड़ का परिव्यय किया गया है, और इस अवधि के दौरान 7 लाख नए छात्रों को इस ब्याज छूट का लाभ मिलने की उम्मीद है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी