NEET Paper Leak Case: सीबीआई की नीट पेपर लीक जांच चार्जशीट में एनटीए के 3 सबजेक्ट-एक्सपर्ट्स के नाम शामिल
Santosh Kumar | August 7, 2026 | 03:29 PM IST | 2 mins read
सीबीआई का आरोप है कि ये तीनों विशेषज्ञ अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करके गोपनीय प्रश्न-पत्रों को लीक करने की साजिश में शामिल थे।
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Download EBookनई दिल्ली: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने नीट 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस चार्जशीट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के 3 विषय विशेषज्ञों के नाम प्रमुखता से शामिल हैं: मनीषा गुरुनाथ मंधारे (बॉटनी/ज़ूलॉजी), प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी (केमिस्ट्री) और मनीषा संजय हवलदार (फिजिक्स)। सीबीआई का आरोप है कि ये तीनों विशेषज्ञ अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करके गोपनीय प्रश्न-पत्रों को लीक करने की साजिश में शामिल थे।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नीट पेपर लीक कोई आखिरी समय की चूक नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। इसके लिए एनटीए के विषय विशेषज्ञों से महीनों पहले संपर्क कर गोपनीय प्रश्न-पत्रों तक पहुंच बनाई गई।
कोर्ट में दायर चार्जशीट में, एजेंसी ने दावा किया है कि एग्जाम से पहले लीक हुए पेपर हासिल करने, उन्हें फैलाने और उनसे पैसे कमाने की कथित साजिश में पर्सनल कॉन्टैक्ट्स और बड़े डिजिटल नेटवर्क, दोनों का इस्तेमाल किया गया।
NEET Paper Leak Case: विषय विशेषज्ञ कथित तौर पर साजिश का हिस्सा
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, कोचिंग सेंटर चलाने वालों और बिचौलियों ने नीट परीक्षा से काफी पहले विषय के विशेषज्ञों से संपर्क करके गोपनीय सामग्री हासिल करने और उससे गैर-कानूनी मुनाफा कमाने की साजिश रची।
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि नीट 2026 के लीक हुए प्रश्न-पत्रों को व्हाट्सएप, टेलीग्राम, पीडीएफ डॉक्यूमेंट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक फ़ाइलों वाले एक बड़े डिजिटल कम्युनिकेशन नेटवर्क के जरिए फैलाया गया था।
CBI Chargesheet: 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
चार्जशीट के अनुसार, जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फोरेंसिक जांच से चैट, प्रश्न-पत्रों की फोटो, पीडीएफ फाइलें और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं। इससे साबित होता है कि पेपर पहले ही लीक हो गया था।
जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों के आधार पर, सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन पर बीएनएस की धारा और संशोधित एंटी पेपर लीक बिल के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।
एजेंसी ने आगे कहा कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 11 के तहत अपराध साबित होने पर 7 से 10 साल की कैद और न्यूनतम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
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