NTF: राष्ट्रीय कार्यबल ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान और आत्महत्याओं रोकथाम के लिए पोर्टल लॉन्च किया

Abhay Pratap Singh | August 8, 2025 | 08:11 PM IST | 3 mins read

यह प्लेटफॉर्म समस्या को समझने और उससे निपटने के बहुआयामी प्रयास के तहत छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों और आम नागरिकों के लिए ऑनलाइन सर्वेक्षण आयोजित करेगा।

एनटीएफ का गठन 24 मार्च, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद किया गया था। (स्त्रोत-आधिकारिक वेबसाइट)

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा गठित राष्ट्रीय कार्यबल (National Task Force) ने आज यानी 8 अगस्त को उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने और आत्महत्या की रोकथाम के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल ntf.education.gov.in पर उपलब्ध है।

यह प्लेटफॉर्म समस्या को समझने और उससे निपटने के बहुआयामी प्रयास के तहत छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों और आम नागरिकों के लिए ऑनलाइन सर्वेक्षण आयोजित करेगा। वेबसाइट और सर्वेक्षण अंग्रेजी व हिंदी में उपलब्ध हैं। साथ ही, संस्थानों के लिए डेटा फॉर्म, हेल्पलाइन नंबर सहित स्टूडेंट सपोर्ट संसाधन भी उपलब्ध हैं।

एनटीएफ द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि, “समस्या को बेहतर तरीके से समझने और कारणों की गहराई में जाने के लिए कार्यबल सर्वेक्षणों, हितधारकों के परामर्श और संस्थागत दौरों की मदद ले रहा है।” नेशनल टास्क फोर्स सितंबर के अंत तक एक अंतरिम रिपोर्ट और इस साल के अंत अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, “2022 में 13,044 छात्रों ने आत्महत्या की। यह आंकड़ा किसानों और बेरोजगार व्यक्तियों की आत्महत्याओं से अधिक है। छात्रों की आत्महत्या दर सामान्य जनसंख्या की तुलना में दोगुनी दर से बढ़ रही है।”

एनटीएफ का गठन 24 मार्च, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों सहित विश्वविद्यालयों और व्यावसायिक कॉलेजों में छात्रों के बीच बढ़ती आत्महत्याओं पर "गहरी चिंता" व्यक्त की गई थी।

Higher Education Institutes in India: उच्च शिक्षण संस्थान

AISHE 2022-23 के अनुसार, भारत में 60,380 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) हैं, जिनमें 1213 विश्वविद्यालय, 46,624 कॉलेज और 12,543 स्टैंडअलोन संस्थान शामिल हैं। इनमें लगभग 4.46 करोड़ विद्यार्थी और 16 लाख से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं।

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Institutional Visits: संस्थागत दौरे

टास्कफोर्स देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों का दौरा कर विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रशासकों, और शिकायत निवारण समितियों से संवाद कर रहा है। साथ ही, विशेष रूप से वंचित वर्गों के छात्रों के साथ बातचीत पर जोर दिया जा रहा है। छात्रों के लिए ओपन फोरम भी आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही, संस्थानों में तनाव निवारण हेतु संरचना और सेवाओं की भी समीक्षा की जा रही है।

Stakeholder Consultations: हितधारक परामर्श

राष्ट्रीय कार्यबल आत्महत्या रोकथाम और छात्र कल्याण के लिए काम कर रहे समाज के विभिन्न वर्गों के विभिन्न विषय विशेषज्ञों और हितधारकों से बातचीत के माध्यम से विषय से जुड़ी व्यापक जानकारी ले रहा है। साथ ही, रिपोर्टों, प्रकाशनों और मीडिया रिपोर्ट्स की भी समीक्षा की जा रही है।

Surveys: सर्वेक्षण

ऑनलाइन सर्वेक्षणों के माध्यम से राष्ट्रीय कार्यबल HEI के छात्रों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और मानसिक स्वास्थ्य सेवाप्रदाताओं से राय मांग रहा है। संस्थानों से आत्महत्या से जुड़े मामलों, रोकथाम प्रयासों और शिकायत निवारण के आंकड़े भी मांगे गए हैं।

Mandate of the Task Force: कार्यबल का कार्यक्षेत्र

कार्यबल एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें निम्नलिखित क्षेत्र शामिल होंगे:

  • आत्महत्या के प्रमुख कारणों की पहचान – जिनमें रैगिंग, भेदभाव, शैक्षणिक दबाव, वित्तीय बोझ और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या शामिल हैं।
  • मौजूदा नियमों का विश्लेषण – छात्रों के कल्याण को प्रभावित करने वाली संस्थागत और प्रणालीगत कमियों का आकलन करने के लिए मौजूदा नियमों का विश्लेषण।
  • आत्महत्या रोकथाम के लिए ठोस कदम - छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और आत्महत्याओं को रोकने के लिए ठोस कदमों की सिफारिशें।
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