Press Trust of India | October 5, 2026 | 05:34 PM IST | 2 mins read
प्रदर्शनकारी ने अलग-अलग नारे भी लगाए, जिनमें 'एक कचौड़ी दो समोसा, बीपीएसएससी का क्या भरोसा' शामिल था। यह नारा देश के विभिन्न हिस्सों में लैंगिक अपराधों के खिलाफ महिलाओं के प्रदर्शनों में लगाए जाने वाले नारों की तर्ज पर था।

पटना: बिहार पुलिस में उपनिरीक्षक (एसआई) के 1,799 पदों पर भर्ती से जुड़ी मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को पटना में विरोध मार्च निकाला। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) ने 23 सितंबर को "अपरिहार्य कारणों" का हवाला देते हुए मुख्य परीक्षा रद्द कर दी थी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा और चिकित्सा जांच की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।
अभ्यर्थियों ने पटना के गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। सुरक्षा के मद्देनजर पटना पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती करने के साथ ही बैरिकेड भी लगाए।
प्रदर्शनकारी ने अलग-अलग नारे भी लगाए, जिनमें 'एक कचौड़ी दो समोसा, बीपीएसएससी का क्या भरोसा' शामिल था। यह नारा देश के विभिन्न हिस्सों में लैंगिक अपराधों के खिलाफ महिलाओं के प्रदर्शनों में लगाए जाने वाले नारों की तर्ज पर था।
प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की थी तथा गांधी मैदान में शारीरिक परीक्षा का अभ्यास करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन अचानक परीक्षा रद्द कर दी गई और इसके लिए अपरिहार्य कारण बताया गया।"
उन्होंने यह मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया तत्काल बहाल की जाए और शारीरिक परीक्षा की तारीख घोषित की जाए। प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि सरकार "कुछ असफल अभ्यर्थियों की दबाव की राजनीति के आगे झुक गई है।
एक अन्य प्रदर्शनकारी निधि ने कहा कि उसके जैसे कई अभ्यर्थियों ने "परीक्षा की तैयारी में एक साल से अधिक समय लगा दिया" और अब वे सीएम सम्राट चौधरी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराना चाहते हैं।
परीक्षा रद्द से जुड़ा नोटिस पिछले महीने परीक्षा में "कथित अनियमितताओं" को लेकर किए गए विरोध-प्रदर्शन के बाद आया था। इस बीच, पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अलग-अलग मांगों को लेकर भूख हड़ताल भी जारी है।
एक भूख हड़ताल बेल्ट्रॉन के प्रोग्रामर की ओर से नियुक्ति पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर की जा रही है। वहीं, दूसरी भूख हड़ताल शिक्षक सातवें वेतन आयोग के लाभ लागू किए जाने की मांग को लेकर कर रहे हैं।