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CEC Protest: सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आतिशी, संजय सिंह और छात्रों सहित 700 लोग हिरासत में लिए गए

Press Trust of India | October 2, 2026 | 04:18 PM IST | 4 mins read

अधिकारियों ने बताया कि स्थल पर किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। (इमेज-आधिकारिक एक्स/NSUI)
एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। (इमेज-आधिकारिक एक्स/NSUI)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह के साथ-साथ कुछ छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं सहित 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। राजनीतिक दल और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) तथा अन्य छात्र संगठनों के सदस्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि स्थल पर किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने कहा कि उसने आप नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को नॉर्थ एवेन्यू में रोक दिया, जिससे वह प्रदर्शन स्थल की ओर नहीं बढ़ सके। भारद्वाज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन्हें और झा को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आंदोलन जारी रखने और जंतर-मंतर पहुंचने का आग्रह किया।

इंटरनेट सेवाएं निलंबित -

पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि एसएफआई के करीब 700 कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की और उन्हें अशोका रोड गोलचक्कर पर रोक दिया गया, जिनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आप नेताओं, आइसा, एसएफआई और अन्य छात्र संगठनों सहित लगभग 700 प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर और उसके आसपास से हिरासत में लिया गया। पहले एक अन्य अधिकारी ने बताया था कि करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।

डीवाईएफआई और एसएफआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया -

पुलिस ने जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है और प्रदर्शनकारियों को स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर बैरिकेड लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के जवान भी बार-बार सार्वजनिक घोषणा कर रहे थे और लोगों से जंतर-मंतर पर इकट्ठा न होने के लिए कह रहे थे क्योंकि विरोध स्थल पर किसी भी सभा की अनुमति नहीं दी गई थी। एसएफआई की महासचिव आइशी घोष ने कहा कि डीवाईएफआई और एसएफआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।

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हिरासत के दौरान महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप -

घोष ने कहा, दिल्ली पुलिस राजधानी में अपराधों को रोकने में सक्षम नहीं है, लेकिन जब ज्ञानेश कुमार जैसे किसी व्यक्ति की सुरक्षा की बात आती है, तो वे सड़कों पर उतर आते हैं।” उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र नहीं है। अगर पुलिस को लगता है कि वे हमें हिरासत में लेकर आंदोलन को रोक सकते हैं, तो हम उन्हें बताना चाहते हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।” आइसा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत के दौरान महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया।

जंतर-मंतर के पास हिरासत में लिए जाने के दौरान संगठन के एक सदस्य ने कहा, “चाहे आप कितनी भी लाठियां बरसाओ या हममें से कितने लोगों को जेल में डाल दो, ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा।” एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ताओं को भी मौके से हिरासत में लिया गया। जाखड़ को संगठन के कार्यालय से जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, आरोप लगाया कि एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई की गई थी।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन -

जाखड़ ने कहा, “लोगों के वोटों की आवाज को किसी भी ताकत से दबाया नहीं जा सकता।” उन्होंने कहा कि संगठन का “लोकतंत्र के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष” जारी रहेगा। प्रदर्शन स्थल से एनएसयूआई के भी कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों को फिरोजशाह रोड पर बैरिकेड लांघते हुए भी देखा गया। एक वीडियो संदेश में भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर एक निर्धारित प्रदर्शन स्थल है तो लोकतंत्र में प्रदर्शन करने के लिए अनुमति की क्या आवश्यकता है।

जंतर-मंतर के पास के कई मेट्रो स्टेशन बंद -

भारद्वाज ने यह भी कहा कि पार्टी ने करीब एक हफ्ते पहले प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पत्र सौंपे थे। भारद्वाज ने कहा, “हम अपनी चिंताओं को उठाने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के पास के कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निकटतम खुले मेट्रो स्टेशन तक यात्रा करें और यदि संभव हो तो पैदल चलकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और जंतर-मंतर सहित 12 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिए हैं। पुलिस ने कहा कि इलाके में अनधिकृत सभा को रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

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