UP News: स्कूल में प्रवेश को लेकर मुख्यमंत्री योगी से मिली नन्ही मायरा, सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश
Press Trust of India | September 1, 2025 | 03:11 PM IST | 2 mins read
जनता दर्शन में अपनी मां के साथ पहुंची कानपुर की 5 वर्षीय मायरा ने सीएम योगी से एक विद्यालय में प्रवेश का अनुरोध किया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर की नन्ही बच्ची मायरा का स्कूल में प्रवेश कराने का अधिकारियों को निर्देश दिया है। कानपुर की नेहा अपनी बेटी मायरा (आयु करीब पांच वर्ष) को स्कूल में प्रवेश के लिए आज यानी 1 सितंबर, 2025 को 'जनता दर्शन' में लेकर पहुंची थीं।
उन्होंने कानपुर के एक विद्यालय में प्रवेश का अनुरोध किया और मुख्यमंत्री ने मायरा का स्कूल में प्रवेश कराने का अधिकारियों को निर्देश दिया। मायरा को देख मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए पहले उसका हालचाल जाना और फिर पूछा कि ‘‘क्या बनना चाहती हो।’’ इस पर मायरा ने जवाब दिया- ‘‘डॉक्टर।’’ यह सुनकर मुख्यमंत्री ने पहले उसे चॉकलेट दी, फिर अधिकारियों को उसका प्रवेश स्कूल में कराने का निर्देश दिया।
एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में आते ही मायरा की मां नेहा से पूछा कि कहां से आये हैं, कहां प्रवेश कराना है, जिसका उन्होंने उत्तर दिया। बयान के अनुसार इसके बाद मुख्यमंत्री ने मायरा से पूछा ‘‘स्कूल जाओगी? किस कक्षा में पढ़ोगी। क्या बनोगी?’’ जिस पर मायरा ने तपाक से जवाब दिया- ‘‘डॉक्टर।’’ इस पर मुख्यमंत्री मुस्कुरा उठे।
मायरा की मां ने पत्रकारों बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार की बात काफी अच्छे तरीके से सुनी और मायरा का स्कूल में प्रवेश का आश्वासन दिया। इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने अपने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से 'जनता दर्शन' में मुलाकात की थी और स्कूल में प्रवेश कराने का अनुरोध किया था।
वाची के माता-पिता अपनी बेटी के प्रवेश को लेकर काफी समय से परेशान थे और जब उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तो उनकी बेटी वाची का तीन घंटे के अंदर ही मुरादाबाद के विद्यालय में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कोटे के तहत प्रवेश हो गया। अब वाची वहां पढ़ायी कर रही है।
इसके अलावा, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिया था कि उसकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उसकी फीस माफ कर दी। पंखुड़ी अब गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में फिर से शिक्षा ग्रहण कर रही है।
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