NVS Application Correction Window: जवाहर नवोदय विद्यालय कक्षा 6 में एडमिशन के लिए एप्लीकेशन करेक्शन विंडो ओपन

Saurabh Pandey | August 11, 2026 | 09:38 AM IST | 2 mins read

एनवीएस कक्षा 6 एडमिशन के लिए आवेदन की समय-सीमा खत्म होने के बाद अब 11 अगस्त से 12 अगस्त, 2026 तक करेक्शन विंडो खोल दी गई है। इस दौरान छात्र अपने आवेदन की त्रुटियां सुधार सकेंगे।

उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र में जानकारी सुधारने या संपादित करने का अवसर दिया जा रहा है। (आधिकारिक वेबसाइट)

नई दिल्ली : नवोदय विद्यालय समिति (जेएनवी) ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (जेएनवीएसटी) के माध्यम से कक्षा 6 में एडमिशन के लिए सबमिट किए गए आवेदन फॉर्म में सुधार करने की विंडो खोल दी है। आवेदन पत्र में संशोधन करने के इच्छुक छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने विवरणों में संशोधन कर सकते हैं। आवेदन विंडो 11 और 12 अगस्त, 2026 तक खुली रहेगी।

एनवीएस समर-बाउंड और विंटर-बाउंड जवाहर नवोदय विद्यालयों में एडमिशन के लिए जेएनवीएसटी कक्षा 6 का सिलेक्शन टेस्ट 28 नवंबर, 2026 को आयोजित करेगा, जबकि जेएनवीएसटी कक्षा 6 का रिजल्ट मार्च या अप्रैल 2027 में जारी होने की संभावना है। उम्मीदवार अपना रोल नंबर डालकर एनवीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

JNVST: परीक्षा पैटर्न

जेएनवीएसटी कक्षा 6 की परीक्षा में कुल 100 अंकों के 80 सवाल होंगे। उम्मीदवारों को परीक्षा पूरी करने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा। प्रश्न पत्र में तीन सेक्शन होंगे-

  1. मेंटल एबिलिटी टेस्ट - 50 अंकों के लिए 40 सवाल, जिसके लिए 60 मिनट का समय दिया जाएगा।
  2. अंकगणित टेस्ट - 25 अंकों के लिए 20 सवाल, जिसके लिए 30 मिनट का समय दिया जाएगा।
  3. भाषा टेस्ट - 25 अंकों के लिए 20 सवाल, जिसके लिए 30 मिनट का समय दिया जाएगा।

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JNVST 2027-28: ग्रामीण और शहरी कोटा का गणित

नवोदय विद्यालय योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय में अधिकतम 80 छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार बच्चों को प्राथमिकता देने के लिए कम से कम 75% सीटें जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों से भरी जाती हैं। शेष 25% सीटें ओपन होती हैं, जिन पर मेरिट के आधार पर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के छात्रों का चयन होता है। यदि किसी छात्र ने कक्षा तीसरी, चौथी या 5वीं के दौरान एक भी दिन किसी शहरी क्षेत्र के स्कूल में पढ़ाई की है, तो उसे शहरी उम्मीदवार ही माना जाएगा। इसके अलावा कुल सीटों में से कम से कम एक-तिहाई (33.3%) सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित होती हैं।

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