आईआईटी कानपुर 'ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप' के तहत जेईई एडवांस्ड 2024 रैंकर्स को देगा छात्रवृत्ति
Santosh Kumar | June 12, 2024 | 08:56 PM IST | 2 mins read
इस स्कॉलरशिप के तहत, जेईई एडवांस्ड 2024 के अखिल भारतीय शीर्ष 100 रैंक धारक जो आईआईटी कानपुर में बीटेक और बीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं, वे पात्र हैं।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर अपनी 'ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप' योजना को लगातार चौथे साल भी जारी रखने जा रहा है। संस्थान की इस योजना के तहत संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड 2024 के नतीजे घोषित होने के बाद प्रतिभाशाली छात्रों को मदद मिलेगी। ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप स्कीम जेईई एडवांस्ड 2024 के शीर्ष 100 रैंक धारकों के लिए उपलब्ध है।
जेईई एडवांस्ड 2024 के नतीजों के बाद, आईआईटी कानपुर ने लगातार चौथे साल “ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप” जारी रखते हुए मेधावी छात्रों की मदद के लिए एक और कदम उठाया है। इस स्कॉलरशिप के तहत, जेईई एडवांस्ड 2024 के अखिल भारतीय शीर्ष 100 रैंक धारक जो आईआईटी कानपुर में बीटेक और बीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं, वे पात्र हैं।
छात्रों को प्रति वर्ष 3 लाख रुपये की छात्रवृत्ति
यह छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ताओं को प्रति वर्ष 3 लाख रुपये की मान्यता प्राप्त छात्रवृत्ति प्रदान करती है, जो 4 वर्षों में ट्यूशन और रहने के खर्च को कवर करती है। आईआईटी कानपुर के निदेशक मनिंद्र अग्रवाल ने कहा, "मैं जेईई एडवांस के सभी टॉपर्स और सफल उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे आईआईटी कानपुर की 'ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप' जारी रखने की खुशी है।"
उन्होंने कहा, "यह योजना विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की दुनिया में छात्रों की शैक्षिक यात्रा में वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने में मदद करती है। हमें डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारत में एक नई दिशा की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए खुशी हो रही है।"
साथ ही अग्रवाल ने आगे कहा कि आईआईटी कानपुर उन छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। भारत में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में हमारा दूसरा स्थान हमारे काम को दर्शाता है।
क्यूएस यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 36वां स्थान
निदेशक अग्रवाल ने बताया कि आईआईटी कानपुर ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भी विश्व स्तर पर 36वां स्थान हासिल किया है। आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग को भारत में तीसरा स्थान मिला है।
हाल ही में आईआईटी कानपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में संयुक्त शोध परियोजनाओं पर काम करने के लिए नोएडा स्थित सैमसंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के साथ सहयोग किया है। इस परियोजना में छात्र, संकाय और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। आईआईटी कानपुर के निदेशक ने कहा कि यह सहयोग छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अपनी पहचान बनाने का अवसर दे रहा है।
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