Delhi News: दिल्ली के टॉप कॉलेजों में दाखिला दिलाने का वादा कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2 गिरफ्तार
Press Trust of India | August 29, 2025 | 06:43 PM IST | 2 mins read
छापेमारी के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 1.34 करोड़ रुपये नकदी, 6 महंगे मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और कई दस्तावेज बरामद किए गए।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के टॉप कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिले के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 1.34 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला पाने के इच्छुक छात्रों के अभिभावकों को बड़ी संख्या में एसएमएस भेजकर ठगी करते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी खुद को दिल्ली के बड़े कॉलेजों का एडमिशन कंसल्टेंट बताते थे। वे मैनेजमेंट कोटे से एडमिशन दिलाने का वादा करके मोटी रकम ऐंठते थे। गिरोह ने कथित तौर पर अपने कार्यालय बंद करने और गायब होने से पहले भारी रकम एकत्र की।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बीटेक स्नातक कुशाग्र श्रीवास्तव (35) और वाणिज्य स्नातक चिन्मय सिन्हा (32) के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके के निवासी हैं।
दाखिला दिलाने के लिए 3.5 लाख रुपये मांगे
बयान के अनुसार, जांच एक हेड कांस्टेबल की शिकायत पर शुरू की गई थी, जिसे एक एसएमएस मिला था जिसमें उसके बेटे को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में प्रबंधन कोटे के माध्यम से प्रवेश देने की पेशकश की गई थी।
बयान के अनुसार, एसएमएस में लावण्या नाम की एक महिला का नंबर और नेहरू प्लेस स्थित उसका कार्यालय बताया गया था। बातचीत के बाद, जालसाज़ों ने एक प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए 3.5 लाख रुपये मांगे।
छापेमारी में 1.34 करोड़ रुपये नकद बरामद
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने 29 जुलाई को उनके कार्यालय में 2.3 लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन आरोपियों ने अपने फोन बंद कर दिए और कुछ ही देर बाद परिसर खाली कर दिया।
शिकायत के आधार पर 25 अगस्त को द्वारका साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में पता चला कि इस गिरोह के खिलाफ कालकाजी थाने में पहले से ही 31 शिकायतें दर्ज थीं, जिन्हें बाद में आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
इसमें कहा गया है कि जांच में आरोपियों के इंदिरापुरम में होने की बात सामने आई, जहां छापेमारी के दौरान उन्हें गिरफ्तार करते हुए 1.34 करोड़ रुपये नकदी, छह महंगे मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई दस्तावेज बरामद किए गए।
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