Santosh Kumar | August 29, 2025 | 05:00 PM IST | 2 mins read
सबसे अधिक ऑफर सॉफ्टवेयर और आईटी क्षेत्र से आए, उसके बाद मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग और वित्त, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिक्षा क्षेत्र का स्थान रहा।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला ने हाल ही में संपन्न 2024-25 प्लेसमेंट ड्राइव में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें कुल 1274 जॉब ऑफर और 509 छह महीने की इंटर्नशिप प्राप्त हुई हैं। इन इंटर्नशिप से छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर (पीपीओ) भी मिलने की संभावना है। इसमें 85 से अधिक छात्रों को 30 लाख रुपये प्रति वर्ष (एलपीए) से ज्यादा का वार्षिक पैकेज मिला, जबकि उच्चतम सीटीसी 62.44 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा। बीटेक और एमटेक कार्यक्रमों के लिए औसत सीटीसी क्रमशः 14.10 लाख रुपये और 13.48 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा।
इस साल के प्लेसमेंट अभियान में सबसे ज़्यादा इंटर्नशिप का प्रस्ताव 1.26 लाख रुपये प्रति माह (एलपीएम) रहा। वैश्विक मंदी और छंटनी जैसी चुनौतियों के बावजूद, एनआईटी राउरकेला के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बीटेक प्रोग्राम में कुल 82.20% छात्रों को प्लेसमेंट मिला। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभाग सिरेमिक इंजीनियरिंग (97.73%), इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग (97.06%) और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (94.48%) रहे।
इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, केमिकल और मेटलर्जी सहित कई विभागों में 80% से अधिक प्लेसमेंट दर्ज किए गए। इस साल 373 कंपनियों ने प्लेसमेंट में हिस्सा लिया, जिनमें से लगभग 48% पहली बार आई थीं।
सबसे अधिक ऑफर सॉफ्टवेयर और आईटी क्षेत्र से आए, उसके बाद मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग और वित्त, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिक्षा क्षेत्र का स्थान रहा। प्लेसमेंट में सबसे लोकप्रिय पद सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर, हार्डवेयर इंजीनियर, ग्रेजुएट ट्रेनी इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट और बिजनेस एनालिस्ट थे।
शीर्ष भर्तीकर्ताओं में गूगल, एएमडी, क्वालकॉम, अमेजन, डीई शॉ, एक्सेंचर, बार्कलेज, डेलॉइट, मैथवर्क्स, आईटीसी, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, अमेरिकन एक्सप्रेस, एचपी, जेएसडब्ल्यू और भारत पेट्रोलियम जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल थीं।
कैरियर डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख प्रोफेसर सुरजीत दास ने कहा कि इस वर्ष सॉफ्टवेयर और आईटी क्षेत्र ने 22.9% ऑफर दिए, जबकि मैन्युफैक्चरिंग (12.4%), बीएफएसआई (11.1%) और शिक्षा (10.8%) भी आगे रहे।