CBSE Class 12 Scanned Copy 2026: सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन तिथि 25 मई तक बढ़ाई
Press Trust of India | May 25, 2026 | 08:13 AM IST | 2 mins read
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात की और सीबीएसई के भुगतान गेटवे सिस्टम में सुधार के लिए उनके मंत्रालय से सहयोग मांगा।
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 24 मई को सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 की मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है। अब अंतिम तिथि 25 मई की मध्यरात्रि तक कर दी गई है।
सीबीएसई ने पहले अंतिम तिथि 22 मई से बढ़ाकर 23 मई की थी, फिर बढ़ाकर 24 मई तक किया और अब पोर्टल के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां प्राप्त करने में छात्रों की कठिनाइयों की शिकायतों के बाद इसे 25 मई की मध्यरात्रि तक बढ़ा दिया गया है। बोर्ड ने परिपत्र में कहा, “22 मई, 2026 के परिपत्र के क्रम में और छात्रों को अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां प्राप्त करने के लिए आवेदन जमा करने के वास्ते पर्याप्त समय प्रदान करने के उद्देश्य से अंतिम तिथि को और आगे बढ़ा दिया गया है।”
बोर्ड ने विद्यार्थियों को विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाने और तदनुसार आवेदन जमा करने की सलाह दी है, साथ ही यह स्पष्ट किया है कि 'अन्य सभी शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी'। परिपत्र में कहा गया है, “शीघ्र ही सूचित किया जाएगा कि पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदनों को किस तिथि से स्वीकार किया जाएगा।”
कुछ छात्रों और अभिभावकों द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात की और सीबीएसई के भुगतान गेटवे सिस्टम में सुधार के लिए उनके मंत्रालय से सहयोग मांगा।
शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक क्षेत्र के चार बैंक (भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक) सीबीएसई को उसके भुगतान गेटवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और परीक्षा के बाद पोर्टल के साथ आवश्यक एकीकरण में सहायता करेंगे।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि प्रधान ने आईआईटी-मद्रास और आईआईटी-कानपुर के प्रोफेसरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों को गठित करके इस वर्ष की पुनर्मूल्यांकन सेवाओं के शुरू होने के बाद से सामने आई सभी तकनीकी समस्याओं की जांच करने और सीबीएसई को त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता करने का निर्देश दिया है। एक सूत्र ने बताया कि प्रधान ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों और अभिभावकों द्वारा सामना की गई तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतों पर सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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