BITS Pilani Hyderabad: बिट्स पिलानी हैदराबाद ने राष्ट्रीय सुरक्षा में रिसर्च के लिए नया केंद्र किया शुरू
Abhay Pratap Singh | August 7, 2024 | 06:36 PM IST | 2 mins read
सीआरईएनएस (सेंटर फॉर रिसर्च एक्सीलेंस इन नेशनल सिक्योरिटी) के उद्घाटन समारोह में शिक्षा जगत, उद्योगों और प्रमुख हितधारकों के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया।
नई दिल्ली: बिट्स पिलानी हैदराबाद ने राष्ट्रीय सुरक्षा में अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र (CRENS) के एक नए सेंटर के उद्घाटन की घोषणा की है। इस केंद्र का उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास और उद्यमिता द्वारा स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास के माध्यम से देश की सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है।
उद्घाटन समारोह में डीआरडीओ के पूर्व अध्यक्ष और रक्षा मंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार जी सतीश रेड्डी मुख्य अतिथि थे। उद्घाटन कार्यक्रम में रक्षा उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलपति डॉ बीएचवीएस नारायण मूर्ति और नौसेना की चिकित्सा सेवा सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और संकाय सदस्य भी मौजूद थे।
CRENS, डीआरडीओ, इसरो, डीएई, तीनों सेनाओं, अर्धसैनिक बलों, पुलिस, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योगों के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पहल की सफलता से देश की सामरिक और आर्थिक वृद्धि में योगदान मिलेगा तथा एक सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र सुनिश्चित होगा।
जी सतीश रेड्डी ने आधिकारिक तौर पर CRENS का उद्घाटन किया, साथ ही इसका ‘लोगो’ भी जारी किया। डॉ. रेड्डी ने असममित युद्ध से निपटने के लिए नई तकनीकि के विकास के महत्व पर बल दिया, जो वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर हावी है। उन्होंने CRENS के हैदराबाद परिसर में स्थित होने के भौगोलिक लाभ पर भी प्रकाश डाला।
बिट्स पिलानी के कुलपति प्रोफेसर वी रामगोपाल राव ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा अनुसंधान और नवाचार एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाकर CRENS का लक्ष्य रिसर्च को आगे बढ़ाना, नवाचार का समर्थन करना और पेशेवरों को कौशल प्रदान करना है, जिससे देश सुरक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बन सके।”
Centre for Research Excellence in National Security (CRENS): कार्यक्षेत्र
‘CRENS’ को तीन कार्यक्षेत्रों में विभाजित किया गया है। पहले वर्टिकल का लक्ष्य राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में पेशेवरों के कौशल को बढ़ाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के हाइब्रिड पाठ्यक्रम पेश करना है। दूसरा वर्टिकल सेवा कर्मियों को व्यावहारिक समाधान प्रदान करने के लिए अनुसंधान पर केंद्रित है। तीसरा वर्टिकल देश की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण रक्षा, अंतरिक्ष और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करके नवाचार को बढ़ावा देता है।
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