Santosh Kumar | May 18, 2025 | 10:28 AM IST | 2 mins read
13 छात्रों द्वारा दायर हलफनामों के अनुसार, नीट यूजी 2025 परीक्षा केंद्र में न तो जनरेटर था और न ही इन्वर्टर जैसी कोई बैकअप व्यवस्था थी।
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चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने एक परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने से प्रभावित कई छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद अधिकारियों द्वारा नीट यूजी 2025 के परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार (16 मई) को अंतरिम रोक लगाई और मामले की अगली सुनवाई 2 जून को निर्धारित की।
याचिका में कहा गया है कि 4 मई को परीक्षा के दिन चेन्नई में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ-अवाडी केंद्र में तूफान और भारी बारिश के कारण दोपहर 3 बजे से शाम 4:15 बजे तक बिजली गुल रही जिससे उन्हें परीक्षा देने में परेशानी हुई।
13 छात्रों द्वारा दायर हलफनामों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में न तो जनरेटर था और न ही इन्वर्टर जैसी कोई बैकअप व्यवस्था थी। छात्रों ने कहा कि उन्हें खराब रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। हॉल में बारिश का पानी घुस गया, जिससे और परेशानी हुई।
छात्रों ने कहा कि उन्हें अपनी तय सीट छोड़कर कहीं और बैठना पड़ा। याचिका में कहा गया है कि इतनी परेशानी के बाद भी अधिकारियों ने उन्हें परीक्षा के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया। इस वजह से कई छात्र परीक्षा पूरी नहीं कर पाए।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अन्य छात्रों की तुलना में बदतर परिस्थितियों में परीक्षा देनी पड़ी, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। उनका कहना है कि नीट जैसी परीक्षा में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए, जो उन्हें नहीं मिला।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि 4 मई को समय पर शिकायत करने और उसके बाद कई बार अनुरोध करने के बावजूद अधिकारियों ने उनकी समस्या नहीं सुनी और कोई समाधान नहीं किया। प्रतिवादियों में केंद्र सरकार, एनएमसी और एनटीए शामिल हैं।