Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया पर पुनर्विचार कर रही सरकार - बिहार के शिक्षा मंत्री
Press Trust of India | February 3, 2026 | 05:27 PM IST | 2 mins read
विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ वही शिक्षक हैं।
नई दिल्ली: बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने 3 फरवरी को विधानसभा में कहा कि सरकार शिक्षकों के परस्पर स्थानांतरण सहित सामान्य स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया पर दोबारा विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीआर-1 और टीआर-2 के तहत बहाल शिक्षकों के लिए ट्रांसफर का विकल्प पहले से ही खुला है, जबकि टीआर-3 के अंतर्गत बहाल शिक्षकों के मामले में निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद उसी प्रक्रिया के तहत स्थानांतरण की व्यवस्था लागू की जाएगी।
शिक्षा मंत्री के इस बयान को शिक्षकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पहली बार सरकार की ओर से यह संकेत मिला है कि बंद किया गया परस्पर स्थानांतरण पोर्टल दोबारा खोला जा सकता है।
विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ वही शिक्षक हैं जो गांवों और कस्बों में बच्चों को भविष्य की दिशा देते हैं। विपक्षी सदस्यों ने यह भी कहा कि यदि शिक्षक मानसिक और पारिवारिक तनाव में रहेंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ेगा तथा ऐसे में मनचाही जगह पर तबादले की सुविधा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर उठा। सरकार की ओर से दिए गए संकेत ने हजारों शिक्षकों को राहत दी है। इस दौरान विधायक संदीप सौरव ने सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि परस्पर स्थानांतरण पोर्टल अचानक क्यों बंद किया गया और दूरदराज के जिलों में तैनात शिक्षकों को अब तक राहत क्यों नहीं मिल पाई है।
सदन में यह भी कहा गया कि टीआर-3 के तहत बहाल कई शिक्षक अपने गृह जिले से 300 से 500 किलोमीटर दूर तैनात हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिला शिक्षकों की भी है, जिनके लिए पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण इतनी दूर सेवा देना कठिन हो रहा है।
विधायक संदीप सौरव ने इसे प्रशासनिक असंवेदनशीलता करार देते हुए कहा कि सरकार को तुरंत स्थानांतरण प्रक्रिया बहाल करनी चाहिए और परस्पर स्थानांतरण का विकल्प फिर से खोलना चाहिए, ताकि शिक्षक आपसी सहमति से अपना तबादला बदल सकें।
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