ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त योग्यताएं लागू करना असंवैधानिक - इलाहाबाद एचसी

Press Trust of India | April 15, 2026 | 10:44 PM IST | 2 mins read

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा दायर विशेष अपील और अभ्यर्थियों की रिट याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।

अदालत ने कहा कि इस विषय पर नियम बनाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। (इमेज-आधिकारिक वेबसाइट/Allahabad High Court)

लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad HC) की लखनऊ पीठ ने औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) भर्ती के लिए राज्य सरकार के नियमों के एक हिस्से को यह कहते हुए असंवैधानिक करार दिया कि जब केंद्र सरकार पहले ही इस विषय पर कानून बना चुकी है, तो राज्य सरकार अतिरिक्त योग्यताएं लागू नहीं कर सकती।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा दायर विशेष अपील और अभ्यर्थियों की रिट याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई करते हुए यह फैसला (3 अप्रैल को) सुनाया।

अदालत ने उत्तर प्रदेश खाद्य एवं ओषधि प्रशासन विभाग राजपत्रित अधिकारी (औषधियां) सेवा (तृतीय संशोधन) नियम, 2015 के नियम 8 के तहत ओषधि निरीक्षक पद के लिए निर्धारित अनुभव संबंधी अतिरिक्त शर्तों को रद्द कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि इस पद के लिए योग्यता पहले से ही औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और इसके तहत बने ओषधि और प्रसाधन सामग्री, 1945 में निर्धारित है, जिन्हें केंद्र सरकार ने बनाया है।

Also read UPPSC GIC Lecturer 2025 New Exam Date: यूपीपीएससी जीआईसी लेक्चरर परीक्षा अब जून में होगी, लेटेस्ट अपडेट जानें

पीठ ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय कानून इस क्षेत्र को व्यापक रूप से कवर करता है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियम इसके साथ टकराव नहीं कर सकते।

अदालत ने कहा कि इस विषय पर नियम बनाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। हालांकि, अदालत ने पिछली भर्तियों को रद्द करने से इनकार कर दिया।

एचसी ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों के पास केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बुनियादी योग्यताएं थीं और वे कई वर्षों से सेवा में हैं, इसलिए उन्हें हटाना उचित नहीं होगा। अपने फैसले में न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य की सभी भर्तियों में केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित योग्यताओं का ही पालन किया जाए।

अदालत ने कहा कि जो याचिकाकर्ता पहले भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र नहीं थे, उन्हें 2025 की चयन प्रक्रिया में आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]