Dharmendra Pradhan Resigns: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्र आंदोलन के दबाव में आया फैसला
Santosh Kumar | July 25, 2026 | 02:57 PM IST | 2 mins read
कॉकरोच जनता पार्टी, उसके समर्थकों और विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। अपने इस्तीफे में प्रधान ने कहा कि वे पिछले 10 दिनों की घटनाओं से मानसिक रूप से व्यथित थे।
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन के बढ़ते दबाव के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। 25 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए प्रधान ने कहा कि यह कदम युवाओं के हित में और शिक्षा व्यवस्था की पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे विरोध-प्रदर्शन ने इस फ़ैसले के लिए मजबूर किया।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें हमेशा देश के लोकतंत्र और युवाओं की ताकत पर पूरा भरोसा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उन्हें दुख हुआ है, लेकिन यह उनके निजी सम्मान का मुद्दा नहीं है।
Dharmendra Pradhan Resigns: पीएम मोदी को भेजा त्यागपत्र
प्रधान का कहना है कि देश के युवाओं का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है और वह नहीं चाहते कि छात्र किसी उलझन में पड़ें या उनका भविष्य कानूनी विवादों में फंसे। इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा।
उन्होंने पीएम, मंत्रिपरिषद में अपने सहयोगियों और मंत्रालय के अधिकारियों व कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सेवा करना उनके जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी, वह इसके लिए पूरी तरह समर्पित रहेंगे।
Dharmendra Pradhan Resigns: पीएम का आभार व्यक्त किया
प्रधान ने त्यागपत्र में लिखा, "मैं पीएम का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे उनके नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर दिया। हालांकि, 3 मई को नीट यूजी 2026 परीक्षा के संबंध में कुछ अनियमितताएं सामने आईं।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द कर दी और घोषणा की कि इसे दोबारा आयोजित किया जाएगा। यह भी तय किया गया कि अगले साल से परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर-बेस्ड मोड में होगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। वहीं, सीजेपी ने कहा कि यह बस शुरुआत है; व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही तय करने की लड़ाई जारी रहेगी।
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