Saurabh Pandey | October 26, 2026 | 04:45 PM IST | 2 mins read
एम्स ने आईएनआई सीईटी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। परीक्षा के लिए पंजीकृत उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

नई दिल्ली : अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने जनवरी 2027 सत्र के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पॉर्टेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट (INI-CET) का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in के माध्यम से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
एम्स उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड नहीं भेजेगा; उन्हें अपना हॉल टिकट ऑनलाइन कैंडिडेट पोर्टल के माध्यम से ही डाउनलोड करना होगा। उम्मीदवारों को इसे डाउनलोड करने के लिए अपनी पंजीकरण आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके "MyPage" सेक्शन में लॉग इन करना होगा।
एम्स आईएनआई सीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड एक अनिवार्य दस्तावेज है। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अपने हॉल टिकट की एक प्रिंटेड कॉपी साथ ले जानी होगी। इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
एम्स आईएनआई-सीईटी परीक्षा 1 नवंबर, 2026 को आयोजित होने वाली है। यह परीक्षा पूरे भारत में विभिन्न केंद्रों पर कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड करने होंगे और परीक्षा के दिन साथ लेकर जाना होगा। बिना एडमिट कार्ड किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
एम्स आईएनआई सीईटी परीक्षा की अवधि 3 घंटे होगी। इसमें अलग-अलग तरह के वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न होंगे, जिनमें सिंगल-चॉइस और मल्टीपल-चॉइस प्रश्न शामिल हैं। परीक्षा में सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलेगा, जबकि गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई अंक काट लिया जाएगा। प्रश्न पत्र को रैंडम तरीके से 4 भागों में बांटा जाएगा। प्रत्येक भाग में 50 प्रश्न होंगे और इसके लिए 45 मिनट का समय मिलेगा। इस तरह, प्रॉस्पेक्टस में बताए अनुसार, पूरे प्रश्न पत्र में कुल 200 प्रश्न होंगे और इसे हल करने के लिए 180 मिनट का समय दिया जाएगा।
आईएनआई सीईटी का आयोजन 'राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों' में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश के लिए किया जाता है। इनमें डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD), मास्टर ऑफ सर्जरी (MS), मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) और कुछ विशेष सुपर-स्पेशियलिटी प्रोग्राम शामिल हैं।