Saurabh Pandey | October 26, 2026 | 06:53 PM IST | 2 mins read
पहले बैच में तीनों सेनाओं को मिलाकर कुल करीब 24,400 अग्निवीर शामिल थे, जिसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना शामिल हैं। सर्विस से बाहर आने वाले अग्निवीरों को लगभग 11.71 लाख रुपये का 'सेवा निधि' पैकेज दिया जाएगा।

नई दिल्ली : अग्निपथ भर्ती योजना के तहत शामिल हुए अग्निवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 तक अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करके सेवानिवृत्त हो जाएगा। इस योजना के तहत पहले बैच के कुल 18,300 अग्निवीर अपनी सेवा पूरी करके बाहर निकलेंगे। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, तीनों सेनाएं- पहले नौसेना, उसके बाद वायु सेना और फिर थल सेना नवंबर के मध्य से चरणबद्ध तरीके से अपने 75% अग्निवीरों को मुक्त करना शुरू कर देंगी।
भर्ती के पहले चरण में तीनों सेवाओं में लगभग 24,400 अग्निवीरों को शामिल किया गया। इनमें लगभग 19,000 आर्मी में, 2,850 भारतीय वायु सेना में और 2,550 नौसेना में। इनमें से लगभग 18,300 - बैच के तीन-चौथाई के सेवा छोड़ने की उम्मीद है, जबकि 25 प्रतिशत तक को चिकित्सा योग्यता, संगठनात्मक आवश्यकताओं और व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अगले 15 वर्षों के लिए नियमित कैडर में रखा जा सकता है।
भारतीय वायु सेना ने पहले बैच के 2,850 अग्निवीर वायु कर्मियों में से 712 को मौजूदा 25 प्रतिशत की सीमा के अनुरूप पहले ही बरकरार रख लिया है। जिन लोगों का चयन नहीं हुआ है, उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है।
सशस्त्र बलों से बाहर आने वाले इन जवानों के लिए केंद्र सरकार कई तरह के सरकारी नौकरी के विकल्पों की योजना बना रही है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों को 50% आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इन सेवानिवृत्त अग्निवीरों को लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षा (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से भी पूरी तरह छूट दी जाएगी।
सीएपीएफ के अलावा, सेवानिवृत्त अग्निवीर राज्य पुलिस, भारतीय रेलवे, भारतीय तटरक्षक बल और 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) में भी नौकरी के कोटे के पात्र होंगे। इसके अलावा, कई राज्यों ने यह घोषणा की है कि उनके यहां शुरुआती स्तर के 10% से 20% तक पद पूर्व-अग्निवीरों से भरे जाएंगे।
पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ कारागार विभाग में जेल वार्डर (ग्रुप सी) के पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, चंडीगढ़ अग्निशमन सेवा और वन विभाग में भी पात्र पदों पर 20% आरक्षण दिया जाएगा। चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल (एग्जिक्यूटिव और वायरलेस) के पदों पर भी पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की स्वीकृति दे दी गई है।
केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। यह एक सैन्य भर्ती कार्यक्रम है, जिसके तहत युवाओं को थल सेना, नौसेना और वायु सेना में 4 साल की अवधि के लिए भर्ती किया जाता है और इन रंगरूटों को 'अग्निवीर' कहा जाता है। इस योजना में आवेदन के लिए आयु सीमा 17.5 से 21 वर्ष तय की गई है, हालांकि कोविड-19 महामारी के बाद हुए पहले भर्ती चक्र के लिए ऊपरी आयु सीमा में अस्थायी रूप से ढील देकर इसे 23 वर्ष किया गया था।