Smart India Hackathon 2024: स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के ग्रैंड फिनाले में कल छात्रों से बातचीत करेंगे पीएम मोदी
Santosh Kumar | December 10, 2024 | 05:45 PM IST | 2 mins read
पीएमओ के अनुसार, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) का 7वां संस्करण 11 दिसंबर को देश भर के 51 नोडल केंद्रों पर एक साथ शुरू होगा।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 11 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2024 के ग्रैंड फिनाले में युवा इनोवेटर्स से बातचीत करेंगे। इस फिनाले में 1300 से ज्यादा छात्र टीमें हिस्सा लेंगी। जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित भी करेंगे। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी शाम 4.30 बजे युवा इनोवेटर्स, छात्रों से बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) का 7वां संस्करण 11 दिसंबर को देश भर के 51 नोडल केंद्रों पर एक साथ शुरू होगा। सॉफ्टवेयर संस्करण 36 घंटे तक बिना रुके चलेगा।
हार्डवेयर संस्करण 11 से 15 दिसंबर तक चलेगा। पिछले संस्करणों की तरह, छात्र टीमें मंत्रालयों, विभागों या उद्योगों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं पर काम करेंगी या 17 महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगी।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में प्रमुख क्षेत्र
इन क्षेत्रों में हेल्थकेयर, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट टेक्नोलॉजीज, विरासत और संस्कृति, सतत विकास, शिक्षा और कौशल विकास, जल, कृषि और खाद्य, उभरती प्रौद्योगिकियां और आपदा प्रबंधन शामिल हैं।
इस वर्ष 54 मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योगों द्वारा 250 से अधिक समस्या विवरण प्रस्तुत किए गए हैं। संस्थान स्तर पर आंतरिक हैकाथॉन में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
यह संख्या एसआईएच 2023 में 900 से बढ़कर एसआईएच 2024 में लगभग 2,247 हो गई है, जिससे यह बड़ा संस्करण बन गया है। संस्थान स्तर पर, एसआईएच 2024 में 86,000 से अधिक टीमों ने भाग लिया है।
इस वर्ष इन संस्थानों द्वारा राष्ट्रीय स्तर के दौर के लिए लगभग 49,000 छात्र टीमों (प्रत्येक टीम में 6 छात्र और 2 सलाहकार) का चयन किया गया है। इस वर्ष के कुछ रोचक मुद्दों में इसरो का 'चंद्रमा के अंधेरे क्षेत्रों की छवियों को बेहतर बनाना' शामिल है।
साथ ही जल शक्ति मंत्रालय का 'एआई, उपग्रह डेटा, आईओटी और गतिशील मॉडल का उपयोग करके गंगा जल की गुणवत्ता की निगरानी के लिए प्रणाली विकसित करना' और आयुष मंत्रालय का 'एआई से जुड़े स्मार्ट योगा मैट को विकसित करना' शामिल हैं।
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