राजस्थान एलडीसी परीक्षा में गलत तरीके अपनाने के आरोप में केंद्र अधीक्षक सहित 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

Press Trust of India | July 9, 2026 | 10:23 AM IST | 2 mins read

प्राथमिकी में एक परीक्षा केंद्र के अधीक्षक उम्मेद सिंह, इंविजिलेटर भीम सिंह और जालम सिंह, रिलीविंग अध्यापक पदम सिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर को आरोपी बनाया गया है।

इस मामले में एक केंद्र के अधीक्षक समेत 5 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

जैसलमेर: जैसलमेर जिले की पुलिस ने कनिष्ठ लिपिक (एलडीसी) भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर गलत तरीके इस्तेमाल किए जाने के मामले में एक केंद्र के अधीक्षक समेत 5 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि लिपिक-ग्रेड द्वितीय संयुक्त भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए बनाई गई समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है।

प्राथमिकी में एक परीक्षा केंद्र के अधीक्षक उम्मेद सिंह, इंविजिलेटर भीम सिंह और जालम सिंह, रिलीविंग अध्यापक पदम सिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर को आरोपी बनाया गया है। सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

RSSB LDC Exam 2026: दो पालियों में हुई एलडीसी भर्ती परीक्षा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेवंतदान चारण ने बताया कि परीक्षा रविवार को हुई, जिसमें पदम सिंह पर स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में बने परीक्षा केंद्र के एक कक्ष में अभ्यर्थी को अनुचित सहायता उपलब्ध कराने के आरोप लगे हैं।

उन्होंने बताया कि पदम सिंह फिलहाल राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में पदस्थापित हैं। उन्होंने कहा, "जैसलमेर जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर पांच जुलाई को दो पालियों में एलडीसी भर्ती परीक्षा हुई थी।"

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Rajasthan LDC Exam 2026: समिति की रिपोर्ट के बाद प्राथमिकी दर्ज

स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर कुल 10 कमरों में 240 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। शाम करीब 4 बजे कक्ष संख्या 10 में नकल करवाए जाने की आशंका हुई तो एक अभ्यर्थी ने आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा, "इसके बाद 'उड़न दस्ता' परीक्षा केंद्र पहुंचा तो कई अभ्यर्थियों ने अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। दस्ते ने तत्काल उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद जिला कलेक्टर ने जांच के लिए समिति गठित की।"

अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम ने कक्ष संख्या 10 से जुड़े सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। समिति की रिपोर्ट आने के बाद अब प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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