PMIS: पीएम इंटर्नशिप स्कीम में अंतिम वर्ष के यूजी-पीजी छात्रों को किया गया शामिल, पात्रता में नए बदलाव जानें
Abhay Pratap Singh | April 23, 2026 | 06:10 PM IST | 2 mins read
पीएमआईएस योजना के तहत वर्तमान में पायलट चरण का तीसरा राउंड चल रहा है, योग्य उम्मीदवार www.pminternship.mca.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना (PMIS) के तहत पायलट चरण के लिए पात्रता मानदंड में विस्तार करते हुए स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) कार्यक्रमों के छात्रों को शामिल किया गया है। जिसके बाद अब 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के अंतिम वर्ष के छात्र पीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से देश की शीर्ष कंपनियों में पेड इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Prime Minister Internship Scheme: पात्रता मानदंड में नए बदलाव
- स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र पीएम इंटर्नशिप स्कीम के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।
- आवेदकों को प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना के तहत निर्धारित वर्तमान पात्रता मानदंडों का पालन करना अनिवार्य होगा।
- आवेदन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपने संबंधित शिक्षण संस्थानों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जमा करना अनिवार्य है।
- एनओसी में यह स्पष्ट प्रमाणित करना होगा कि प्रशिक्षण में भाग लेने से शैक्षणिक आवश्यकताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में विभागाध्यक्ष, डीन, प्रधानाचार्य तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी शामिल होंगे।
योग्य युवा आधिकारिक पीएमआईएस पोर्टल www.pminternship.mca.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, अपनी रुचियों और करियर के अनुसार प्रशिक्षण के अवसरों का पता लगा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षु को प्रति माह कम से कम 9,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
PMIS Internship Scheme: पायलट चरण
पीआईबी अनुसार, पीएमआईएस के पायलट चरण में 300 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया है और विभिन्न भूमिकाओं एवं क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में इसका तीसरा चरण जारी है, जिसमें कंपनियां लगातार नए प्रशिक्षण अवसर पोस्ट कर रही हैं, जिससे युवाओं के लिए भागीदारी के विकल्प बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना (पीएमआईएस) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के युवाओं को व्यवस्थित और भुगतान वाले प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के जरिए युवा काम सीखते हुए अनुभव हासिल कर सकते हैं और भविष्य में बेहतर नौकरी के लिए खुद को तैयार कर पाते हैं।
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