पेपर लीक पर पीएम मोदी का ऐलान- फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा; विपक्ष हमलावर
Santosh Kumar | July 23, 2026 | 10:11 AM IST | 2 mins read
पीएम मोदी ने लिखा, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।"
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अहम घोषणा की है। उन्होंने दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। पेपर लीक को "घिनौना अपराध" बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट के माध्यम से छात्रों से यह वादा किया है।
पीएम मोदी ने लिखा, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।"
संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए निर्देश
पीएम ने लिखा, "संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह फैसला छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।"
साथ ही, पीएम मोदी ने साफ़ कर दिया है कि जो कोई भी युवाओं के भविष्य को खतरे में डालेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान की कई विपक्षी नेताओं और शिक्षाविदों ने आलोचना भी की।
मनीष सिसोदिया ने पीएम पर निशाना साधा
दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, "पूरे देश में छात्र सड़क पर उतरकर मांग कर रहा है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो..और पीएम कह रहे हैं कि- फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर नीचे के छोटे-छोटे, 4 प्राइवेट प्यादों को सजा दिलवा देंगे।"
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी जांच की आंच अपने प्यारे वजीर पर नहीं आने देंगे। कहीं ऐसा तो नहीं है मोदी जी कि ये पेपर लीक का सारा खेल आपके दफ्तर से चलता हो? सीजेपी संस्थापक दीपके ने भी पीएम का विरोध किया है।
राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार पर कसा तंज
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था पर कब्जा होने और उसके खराब होने को न सिर्फ होने दिया, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण भी दिया।
राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर कहा कि छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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