Abhay Pratap Singh | June 30, 2026 | 03:27 PM IST | 2 mins read
पटना साइंस कॉलेज में निरीक्षण के दौरान सीएम सम्रामट चौधरी ने परिसर में उच्च शिक्षा, नवाचार और आधुनिक शोध सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज’ स्थापित करने की घोषणा की।

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना साइंस कॉलेज (Patna Science College) परिसर में भौतिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय (University of Physics and Sciences) स्थापित करने की घोषिणा की है। जिसके बाद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्य सरकार की इस घोषणा पर सवाल उठाते हुए तंज कसा है।
राजद ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय का मतलब समझा दिया जाता तो अच्छा रहता। अब 7वीं फेल मुख्यमंत्री ने गलत कह दिया तो गलत ही सही, पर किया वही जाएगा। अब कॉलेज में यूनिवर्सिटी खुलेगी। सच बताकर खतरा कौन मोल लेगा? मुख्यमंत्री की जिद है तो है।
हाल ही में पटना साइंस कॉलेज में निरीक्षण के दौरान सीएम चौधरी ने परिसर में उच्च शिक्षा, नवाचार और आधुनिक शोध सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज’ स्थापित करने की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक सुवधाएं मिलेंगी।
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित ‘फिजिक्स एंड साइंसेज यूनिवर्सिटी’ विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बिहार को नई पहचान देगा। बिहार सीएम ने विश्वविद्यालय की स्थापना एवं परिसर के निर्माण के लिए अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने छात्रावास और खेल मैदान को और बेहतर करने को कहा।
इस घोषणा के बाद आरजेडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “अब कॉलेज में विश्वविद्यालय खुलेगा। यह दुनिया में पहली बार होगा। जरा मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय का मतलब समझा दिया जाता तो अच्छा रहता। काश यह भी बता दिया जाता कि भौतिकी विज्ञान का ही हिस्सा है।”
आगे कहा, सच बताकर खतरा कौन मोल लेगा? बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधेगा? गृह मंत्री अमित शाह “12वीं के बाद इंटर में एडमिशन लेने पर छात्रों को लैपटॉप देने” की बात कह रहे थे और अब सातवीं फेल मुख्यमंत्री बिहार की शिक्षा व्यवस्था को ही उलट पुलट कर रख देने का मन बना चुके हैं।