Agneepath Scheme: अग्निपथ योजना वापस लेने की एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राजनीतिक दलों से अपील की
Abhay Pratap Singh | June 6, 2024 | 06:17 PM IST | 2 mins read
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं ने अग्निपथ योजना के खिलाफ मतदान किया है। अग्निपथ योजना समाप्त करने के लिए सभी गैर-भाजपा दलों को एक साथ आना चाहिए।
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने सभी राजनीतिक दलों से भारतीय सेना में अग्निपथ योजना को वापस लेने की अपील की है। अग्निपथ योजना सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं थल सेना, जल सेना और वायु सेना में भर्ती के लिए भाजपा सरकार द्वारा साल 2022 में शुरू की गई थी।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि, “लाखों भारतीय युवाओं के सपने और आकांक्षाएं दांव पर हैं। अग्निपथ योजना हमारे युवाओं के भविष्य और हमारे सशस्त्र बलों की अखंडता को कमजोर करती है। युवाओं का वोट देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।”
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एनएसयूआई सभी राजनीतिक नेताओं और पार्टियों से युवाओं की आवाज सुनने और अग्निपथ योजना को रद्द करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह करती है। आगे कहा गया कि, यह कार्रवाई कोई राजनीतिक जरूरत नहीं बल्कि भारत की भावी पीढ़ियों की रक्षा के लिए एक नैतिक दायित्व है।
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वरुण चौधरी ने कहा कि, ‘‘युवाओं का विश्वास और समर्थन हासिल करने के लिए गैर-भाजपा दलों को एक साथ आना चाहिए। अग्निपथ योजना के खिलाफ खड़े होकर हम उनके सपनों की रक्षा करने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखा सकते हैं।”
एनएसआईयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा, “यह जरूरी है कि हम एक राष्ट्र के रूप में अपने युवा नागरिकों के कल्याण और महत्वाकांक्षाओं को प्राथमिकता दें। युवाओं की सामूहिक आवाज ने स्पष्ट रूप से इस योजना के खिलाफ मतदान किया है और अब सभी गैर-भाजपा दलों की जिम्मेदारी है कि वे निर्णायक कार्रवाई करें।”
अग्निपथ योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया एक सरकारी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल की प्रतिबद्धता के लिए उम्मीदवारों का चयन करना है। इस योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले जवानों को 'अग्निवीर' का नाम दिया गया है।
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