Press Trust of India | June 9, 2026 | 03:23 PM IST | 2 mins read
ईओयू ने अभ्यर्थियों से कहा है कि केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र या उत्तर उपलब्ध कराने के नाम पर संपर्क करे और पैसे मांगे, तो उसकी जानकारी नजदीकी थाना या साइबर थाना में दें।
Download the NEET Most Scoring Chapters and Topics PDF based on the past 5 years’ analysis. Focus on high-weightage topics and boost your NEET preparation.
Download EBook
पटना: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-2026 की लिखित पुनर्परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों एवं आम लोगों के लिए एहतियाती सलाह जारी करते हुए सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले भ्रामक संदेशों, फर्जी कॉल एवं साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की।
ईओयू ने कहा कि असामाजिक तत्व और साइबर फ्रॉड करने वाले परीक्षा के बारे में अफवाहें फैला सकते हैं, प्रश्न-पत्र या उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने का वादा करके उम्मीदवारों को गुमराह करके उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर सकते हैं।
एहतियात के तौर पर बताया गया है कि फर्जी फोन कॉल, ई-मेल और फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप तथा एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा से जुड़ी झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाई जा सकती है।
ईओयू ने अभ्यर्थियों से कहा है कि केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र या उत्तर उपलब्ध कराने के नाम पर संपर्क करे और पैसे मांगे, तो उसकी जानकारी नजदीकी थाना या साइबर थाना में दें।
परीक्षा से जुड़ा कोई भ्रामक खबर सोशल मीडिया पर साझा न करें। यदि किसी प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र वायरल होने का दावा किया जाता है, तो उसकी पोस्ट, यूआरएल और पोस्ट करने वाले व्यक्ति की जानकारी पुलिस को दें।
ईओयू ने कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़ी जानकारी उसके मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप नंबर या ईमेल के जरिए दी जा सकती है। वहीं, साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई जा सकती हैं।
यूनिट ने यह भी कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए लागू कानून के तहत, दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।