Abhay Pratap Singh | July 26, 2026 | 01:11 PM IST | 2 mins read
अमित शाह ने कहा, मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है।

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कहा कि विद्यार्थी किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण हैं। नीट पेपर लीक को लेकर पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के बाद 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।”
आगे कहा, मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है। पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं। मुझे विश्वास है कि इन कदमों से नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
अमित शाह ने प्रधान का इस्तीफा शेयर करते हुए कहा कि, परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है। बता दें, प्रह्लाद जोशी जी को देश के नए शिक्षा मंत्री के रूप में चार्ज दिया गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट में कहा, “शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। छात्रों के भविष्य बचाने के संघर्ष की जीत। इस आंदोलन को सफल बनाने में नारी शक्ति का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मैने कहा था कि गांधी जी की तरह शांतिपूर्ण आंदोलन से सब कुछ संभव है, सफलता मिल गई।”