NATS 2.0: शिक्षा मंत्री प्रधान ने ‘एनएटीएस 2.0’ योजना के तहत स्नातकों के लिए 100 करोड़ रुपये किए जारी

Abhay Pratap Singh | July 30, 2024 | 08:27 PM IST | 2 mins read

पिछले पांच वर्षों में NATS योजना के तहत 8.68 लाख प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया है, जिसमें वर्ष 2023-24 में 2.53 लाख प्रशिक्षु भाग लेंगे।

एनएटीएस योजना के तहत 75 हजार से अधिक नए प्रशिक्षुओं के जुड़ने की उम्मीद है। (स्त्रोत- आधिकारिक 'एक्स'/धर्मेंद्र प्रधान)

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज यानी 30 जुलाई को स्नातकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम 2.0 (NATS 2.0) की शुरुआत की। शिक्षा मंत्री प्रधान ने एनएटीएस 2.0 योजना के लिए 100 करोड़ रुपये भी जारी किए हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा, “आज लांच किया गया एनएटीएस 2.0 पोर्टल प्रशिक्षुता के अवसरों की पहुंच को व्यापक बनाएगा तथा अभ्यर्थियों और नियोक्ताओं के बीच तालमेल में मदद करेगा।” उन्होंने आगे कहा, “यह तकनीक-संचालित युग केवल डिग्री हासिल करने के बारे में नहीं है, बल्कि दक्षताओं का निर्माण करने के बारे में भी है।”

एनएटीएस 2.0 पोर्टल लॉन्च के समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ कार्यक्रम के दौरान यूजीसी के अध्यक्ष ममीडाला जगदीश कुमार, एनईटीएफ के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे और एआईसीटीई के अध्यक्ष टीजी सीताराम भी मौजूद रहे।

प्रधान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “NATS 2.0 पोर्टल लॉन्च करने और DBT के माध्यम से स्टाइपेंड के रूप में 100 करोड़ रुपये जारी करने पर मुझे खुशी है। यह अप्रेंटिसशिप को लोकतांत्रिक बनाने, कौशल अंतर को समाप्त करने, युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।”

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शिक्षा मंत्री ने आगे कहा, “राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS) हमारे युवाओं को सार्थक प्रशिक्षुता अवसरों से जोड़ रही है। उन्हें नौकरी पर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है और अधिक रोजगार योग्य बना रही है।” प्रधान ने आगे कहा, क्योंझर (ओडिशा) की दमयंती महंता ने NATS के जरिए अपने करियर को नई ऊंचाई दी।

समारोह के दौरान उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के. संसे ने डीबीटी का समर्थन करते हुए कहा कि इस योजना से तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के छात्रों को लाभ होगा। हमें उम्मीद है कि उद्योग या व्यवसाय के इन क्षेत्रों में प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने वाली अनेक कंपनियां इसमें शामिल होंगी।

नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम 2.0 के तहत अगले 100 दिनों के भीतर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे स्टाइपेंड वितरित करने की योजना है। NATS 2.0 के तहत अप्रेंटिसशिप के दौरान प्रशिक्षुओं को स्टाइपेंड दिया जाता है, जिसकी 50% राशि भारत सरकार द्वारा नियोक्ता (Employer) को वापस कर दी जाती है।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि, पिछले पांच वर्षों में NATS योजना के तहत 8.68 लाख प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया है, जिसमें 2023-24 वर्ष में 2.53 लाख प्रशिक्षु भाग लेंगे। वर्ष 2024-25 में 75,000 से अधिक नए प्रशिक्षुओं के जुड़ने की उम्मीद है। बता दें, प्रशिक्षण अवधि पूरी करने पर प्रशिक्षुओं को भारत सरकार द्वारा योग्यता प्रमाण पत्र दिया जाता है।

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